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शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

Amazon.in की योजना रूपांतरकारी प्रोग्राम को मध्यप्रदेश के अन्य शहरों और कस्बों तक पहुंचाने की है

Amazon.in के “आई हैव स्पेस प्रोग्राम” ने  इंदौर के प्रकाश की जिंदगी बदल दी

इंदौर : मूनलाइट ड्राई क्लीनर्स के मालिक प्रकाश इंदौर में ड्राईक्लीनर स्टोर चलाते हैं। उन्हें अपने काम पर जाने के लिए हर दिन 20 किमी सफर करना पड़ता था। उनका दिन तड़के 4 बजे शुरू होता था और घर लौटते-लौटते रात के 10 बज जाते थे। अपने इन सारे प्रयास के बावजूद उन्हें अपने खर्चों को पूरा करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। इसी के चलते वह अपनी आय बढ़ाने के लिए मौके की तलाश कर रहे थे। इस मुकाम पर Amazon.in के आई हैव स्पेस प्रोग्राम से उनके जुड़ाव ने उन्हें स्वतंत्र बनाया और अतिरिक्त आय अर्जित करने की उनकी क्षमता को बढ़ाकर उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। इस कार्यक्रम से उनकी मासिक आय दोगुनी से ज्यादा हो गई और आजकल उनका परिवार मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में काफी बेहतर जिंदगी जी रहा है।
Amazon.in ने मध्यप्रदेश में 160 से ज्यादा आई हैव स्पेस स्टोर्स से साझेदारी की है। केवल एक साल में राज्य में स्टोर के कस्टमर्स के आगमन में 125 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रकाश Amazon.in के आई हैव स्पेस (आईएचएस) प्रोग्राम से मार्च 2017 में जुड़े थे। उन्होंने ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए ई-कॉमर्स के विकास का लाभ लेने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। ड्राईक्लीनिंग बिजनेस से आय के अतिरिक्त प्रकाश का परिवार अब इस प्रोग्राम के माध्यम से 12 हजार से 18 हजार रुपये हर महीने कमाता है। आसपास के लोग उन्हें अमेज़न के पार्टनर के नाम से पहचानते है, जिसकी वजह से उनके स्टोर की आय भी बढ़ गई है।
मूनलाइट ड्राई क्लीनर्स के मालिक प्रकाश ने कहा, “आई हैव स्पेस प्रोग्राम के माध्यम से अमेजन ने मुझे अतिरिक्त आय अर्जित करने का एक सुनहरा मौका उपलब्ध कराया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से मुझे अपने क्षेत्र में पहचान मिली है। इससे मेरे ड्राईक्लीनिंग स्टोर का कारोबार और भी बेहतर हो गया है।“
अखिल सक्सेना, वाइस प्रेसिडेंट, इंडिया कस्टमर फुलफिलमेंट, Amazon.in ने कहा, “यह देखकर काफी अच्छा लगता है कि हमने केवल अपनी पहुंच ही नहीं बढ़ाई और ज्यादा उपभोक्ताओं तक ही नहीं पहुंचे, बल्कि हमने देश भर में स्थानीय कारोबारियों को अपने प्लेटफॉर्म से लाभ लेने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए सशक्त किया है।“
आई हैव स्पेस (आईएचएस) प्रोग्राम के तहत अमेज़न इंडिया स्थानीय स्टोर के मालिकों से साझेदारी कर उन्हें अलग-अलग शहरों में उपभोक्ताओं को 2 से 4 किलोमीटर के दायरे में पिक अप और डिलिवरी सर्विस मुहैया कराता है। ये स्थानीय कारोबारी अपने क्षेत्र को अच्छी तरह पहचानते हैं और उनकी अपने पड़ोस में सामान की अच्छी तरह डिलीवरी करने और प्रॉडक्ट्स को प्राप्त करने में अच्छी साख रहती है। Amazon.in ने इन स्टोर्स के मालिकों की क्षमता को काफी बेहतर ढंग से बढ़ाने में सफलता अर्जित की है, जिससे इन स्टोर मालिकों की आय तो बढ़ी ही है, उनके स्टोर्स पर ज्यादा कस्टमर भी पहुंचने लगे हैं। अगर औसत देखा जाए तो अमेज़न इंडिया स्टोर के साझीदार 30 से 40 पैकेज एक दिन में डिलीवर करते हैं, जिससे उन्हें हर डिलीवरी के लिए एक निश्चित रकम मिलती है।
अमेज़न इंडिया का आई हैव स्पेस प्रोग्राम उन सभी दुकानदारों के लिए है, जो पैदल या टु व्हीलर पर ग्राहकों को सर्विसेज देने में सक्षम है। इन दुकानदारों के पास आई हैव स्पेस का पार्टनर बनने के लिए केवल एक ही योग्यता होनी आवश्यक है कि उनके पास ऑफ या पीक आवर्स के दौरान स्थानीय लोगों को डिलीवरी करने के लिए पर्याप्त मैनपावर मौजूद हो और पैकेज को रखने के लिए स्टोर की सुविधा हो। मौजूदा समय में इस प्रोग्राम के तहत राशन टेलीकॉम, स्टेशनरी, केमिस्ट्स, जनरल स्टोर और दूसरे मॉडर्न ट्रेड आउटलेट्स जैसी कुछ सुविधाओं का नाम लिया जा सकता है। Amazon.in पर आई हैव स्पेस टीम इस काम में दिलचस्पी रखने वाले स्टोर मालिकों का इन पैमानों पर आकलन करती है। उसमें यह भी देखा जाता है कि उनकी अमेज़न के साथ साझेदारी करने की कितनी क्षमता है और इसमें अपने उपभोक्ताओं को अच्छी सर्विस देने की लगन या संस्कृति किस हद तक है।
एक बार स्टोर्स की पहचान होने के बाद अमेज़न अपने स्टोर पाटर्नर्स को प्रशिक्षित करते हैं और उनमें उपभोक्ताओं को मैनेज करने की क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं। इसमें मुख्य रूप से उपभोक्ताओं के साथ बातचीत करने के तौर-तरीकों, उनकी ग्रूमिंग, सुरक्षा और उपभोक्ताओं को सकारात्मक अनुभव देने पर ध्यान केंद्रित दिया जाता है।
इस प्रोग्राम के तहत 225 शहरों के 17,500 स्टोर्स को कवर किया गया है, जिसमें मेट्रो शहरों के अलावा देहरादून, चंडीगढ़, अमृतसर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, वडोदरा, भरूच, कोल्हापुर, बेलगांव, तिरुपुर, वारंगल, वेल्लौर, सलेम, गुंटूर, रायपुर, आगरा और देहरादून शामिल हैं। यह चैनल वहां अमेज़न लॉजिटिक्स की मात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है, जहां यह मौजूद है और देश भर के लोगों की जिंदगी में बदलाव करते समय उपभोक्ताओं से किए गए वायदे को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Amazon.in के आई हैव स्पेस प्रोग्राम के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिये कृपया http://amzn.to/2ugTdIs पर लॉग ऑन करें।

‘‘देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में 11 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है भजन संध्या ‘‘भजनानंद’’

- महाशिवरात्रि के मौके पर किया जा रहा है ‘‘भजनानंद’’ आयोजित

- 11 फरवरी को देवी अहिल्या की पावन नगरी में स्थित राजबाड़ा प्रांगण में 7 बजे भजन संध्या

इंदौर : ‘‘देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी’’ द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में 11 फरवरी रविवार को राजबाड़ा प्रांगण में शाम 7 बजे से विनोद अग्रवाल की भजन संध्या ‘‘भजनानंद’’ आयोजित किया जा रहा है। ‘‘देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी’’ के संस्थापक और युवा भाजपा नेता आकाश कैलाश विजयवर्गीय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस भजन संध्या में शिवजी के भजन होंगे।

यह कार्यक्रम लोगो को भक्ति और शक्ति से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने सभी शिव भक्तों को ‘‘भजनानंद’’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अधिक जानकारी के लिए ‘देव से महादेव वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा जारी नम्बर 966965235 पर अभिषेक से संपर्क कर सकते है।

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

शहीदों के बलिदानों को भूलना आसान हैं पर इस फिल्म नें उनके शौर्य को वापस जीवित कर दिया हैं

  • कल्पना के परे, अद्भुत्ता का प्रतीक
  • हृदय को झकझोड़ देने वाली विडियो !!
  • कैसे एक टीम के लोगों की परिकल्पना के परे शहीद सूबेदार जोगिन्दर सिंह के लिए खुद को विकट परिस्थितिओं में समर्पित किया
मुम्बई : १९६२ का भारत चीन युद्ध भले ही भारतीयों के लिए एक सुखद याद ना हो पर हमारे वीरों का बलिदान पुरे राष्ट्र को गौरवान्वित कर देता हैं। यह युद्ध उस समय हुआ था, जब भारत आजादी और बटवारे के बाद दोबारा अपने पैरो पर खड़ा हो रहा था। पुराने घाव अभी भरे भी नहीं थे की तभी अक्टूबर १९६२ के आखिर में चीन ने भारत के विरुद्ध युद्ध का बिगुल फूंक दिया, जिसकी भारत ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। क्योंकि यह दोनों देश दोस्ती का पर्यायवाची माने जाते थे, पर यह मित्रता का स्वांग सामने तब आया जब चीन ने लद्दाख के अक्साई चिन से लेकर नेफा तक एक साथ हमला बोल दिया। इस आकस्मक हमले का हिन्दुस्तानी सेना ने हिम्मत और जज्बे के साथ सामना किया। इसी दौरान बुमला क्षेत्र के तोंग्पें ला इलाके स्थित आईबी रिज पर पहली सिख रेजिमेंट को तैनात किया गया। भले ही चीनी भारतीयों से संख्या बल में अधिक थे पर यह बात डेल्टा कम्पनी की ग्यारहवीं पलटन के कमांडर सूबेदार जोगिन्दर सिंह के इरादों को पस्त नहीं कर पाई। जब चीनिओं ने हमला बोला २००-२०० टुकड़ी में तब सिख रेजिमेंट ने उनका डट कर सामना तो किया, पर धीरे धीरे उनमे से काफी वीरगति को प्राप्त हो गए थे अथवा उनका असलहा भी खत्म होने की कगार पर था। यही नहीं सूबेदार जोगिन्दर सिंह को खुद जांघ पर गोली लगी थी, फिर भी उन्होंने ना तो मैदान छोड़ा और ना ही घुटने टेके। यह सिर्फ प्रेरणादायक ही नहीं बल्कि यह भी दर्शाता हैं की वो मातृभूमि को कितना स्नेह करते थे !

सलाम है ऐसे सैनिक को !

शहीदों के बलिदानों को भूलना आसान हैं पर इस फिल्म नें उनके शौर्य को वापस जीवित कर दिया हैं। निर्माताओं ने हर पहलू को अक्षुण रखा हैं। जहाँ तक बात रही सूबेदार जोगिन्दर सिंह फिल्म की शूटिंग की जगहों की तो उन्हें महज़ चुनौती पूर्ण कहना लाज़मी नहीं होगा, क्योंकि वहां की परिस्थितियां कल्पना से परे हैं। इस फिल्म की शूटिंग सूरतगढ़ की तपा देने वाली गर्मी से लेकर द्रास सेक्टर की कपा देने वाली ठण्ड तक में हुई हैं !
सेवन कलर्स मोशन पिक्चर्स– जो इस फिल्म के निर्माता हैं उन्होंने इस फिल्म को बनाने के लिए ज़मीन आसमान एक कर दिया हैं और आधुनिक प्रतिष्ठित निर्माता कम्पनिओं में अपना नाम दर्ज कर लिया हैं। आज के दौर में जहाँ हलकी फुलकी फिल्में बनके पैसे बनाने का रिवाज़ हो गया हैं, वहीँ इस निर्माता कम्पनी नें बीड़ा
उठाया राष्ट्र महत्व की इस फिल्म को बनाने का जो की पूरी देश के लिए गौरवपूर्ण बात हैं। यह बदलता हुआ पंजाबी सिनेमा हैं, सूत्रों को हवाले से जितना पता चला हैं कि सेवन कलर्स मोशन पिक्चर्स एकमात्र ऐसी निर्माता कम्पनी हैं जो स्क्रिप्ट लिखने से लेकर फिल्म (थिएट्रिकल एवं डिजिटल) रिलीज़ करने तक का सारा बीड़ा उठाती हैं।
इस फिल्म की मेकिंग विडियो सबके रौंगटे खड़े कर देने वाली हैं। द्रास का थर्रा देने वाला ठंडा वातावरण एक तरफ तो दूसरी तरफ सूरतगढ़ की चिलचिलाती धूप और गर्मी, दोनों ही निर्माता दल का हौसला पस्त नहीं कर पाई !
परम वीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिन्दर सिंह की जीवनी पर आधारित यह फिल्म विश्वभर में ६ अप्रैल २०१८ को रिलीज़ होने वाली हैं!

बुधवार, 31 जनवरी 2018

‘‘ट्रूपल’’ विश्व का पहला रेटिंग एंड एनालिटिक प्लेटफार्म है

‘‘डिजिटल इंडिया’’ में करें अपने प्रतिनिधि का डिजिटल मूल्यांकन
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2 जुलाई 2015 को ‘‘डिजिटल इंडिया’’’ प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस अभियान की शुरुआत के बाद देश के लोगों के जीवन में कई बदलाव आए। लोगों ने व्यवस्था का डिजिटलीकरण देखा और अपने जीवन में आधुनिकता को महसूस किया। इस नजरिए से कहा जा सकता है कि डिजिटल व्यवस्था से सरकार की नीतियों का क्रियान्वयन ही तेज नहीं हुआ, आम आदमी के जीवन स्तर तक उसे पहुँचाने में भी मदद मिलती है।

इसके अलावा डिजिटल व्यवस्था से मतदाताओं को अपने जन-प्रतिनिधियों के कामकाज का आकलन करने में भी आसानी होती है। सोशल मीडिया के जरिए वे जान पाते हैं कि जिसे उन्होंने 4 साल पहले अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना था, उन्होंने जन भावनाओं का कितना सम्मान किया? क्योंकि, आज सोशल मीडिया ऐसा सशक्त माध्यम है जो विचारों से किसी का भी आकलन करने में समर्थ है। इसीलिए देश की राजनीति और राजनेताओं का जनता द्वारा आकलन करने के लिए एक डिजिटल मंच ‘‘ट्रूपल’’ शुरू किया जा रहा है। ये डिजिटल पर एक खुला प्लेटफार्म होगा जहाँ कोई भी किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी के बारे में अपने विचार प्रकट कर सकता है।

कहाँ से उपजा ये विचार?

आज सोशल मीडिया के इस युग में हर व्यक्ति अपना विचार प्रकट करने के लिए सक्षम है, जिसके हाथ में मोबाइल फोन है और वो सोशल मीडिया में अपनी दखल रखता है। अन्य मीडिया हमें जो खबर दे रहा है क्या वो ‘‘पेड़ न्यूज’’ है या वास्तविक? अब ये सवाल प्रासंगिक नहीं रह गया, क्योंकि सोशल मीडिया सबकी खबर रखता है! यही स्थिति जनता की आवाज को लेकर भी है! आज चुनाव के बाद कौन है जो जनता से संवाद करने आता है? जो भी हो रहा है वो ‘‘एकालाप’’ है यानी नेता बोल रहा है और जनता उसे सुनने के लिए मजबूर है। ऐसी स्थिति से उबरने के लिए ऐसे सार्वजनिक डिजिटल मंच की जरुरत थी, जहाँ सभी की हिस्सेदारी हो और जन-प्रतिनिधियों के कामकाज और उनकी सक्रियता का भी मूल्यांकन हो सके! उनके द्वारा चुनाव में किए गए वादों और बाद में उस पर अमल का विश्लेषण हो सके! इसी विचार के साथ हमने ये मंच बनाया है जहाँ आकर लोग अपने नेता (जन प्रतिनिधि) के काम पर कमेंट करें और उसे रेटिंग दें।

‘‘ट्रूपल’’ बनाने का उद्देश्य

‘‘ट्रूपल’’ शुरू करने का मकसद जनता की समस्या को उठाने उन्हें सुलझाने के साथ रेटिंग के माध्यम से राजनेताओं को यह अहसास कराना भी है कि जनता उनके कामकाज पर नजर रखे है। जनता उनसे कितनी खुश और कितनी दुखी है! क्योंकि, नेता किसी भी पार्टी, गुट, विचारधारा का हो! यदि वो जनता के हित के लिए काम करेगा तो जनता हमेशा उसका साथ देगी। इसके अलावा हर वो खबर जो लोग जानना चाहते हैं, पर वो किसी प्रभाव या राजनीतिक कारण से दब गई है उसे जनता के सामने लाना है।

‘‘ट्रूपल’’ विश्व का पहला रेटिंग एंड एनालिटिक प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से आप बिना किसी रोकटोक एवं डर के अपने विचार व्यक्त कर जनप्रतिनिधि द्वारा किये गए कार्यों को “रेट” करने के साथ साथ उनसे जुडी सारी खबर भी जान सकते है, जनसामान्य के विचारो के साथ साथ जनप्रतिनिधियों के कार्य का विश्लेषण कर आम जनता तक पहुँचाना भी हमारा लक्ष्य है। हमारी मंशा बेहतर कल के लिए स्वच्छ राजनीति है ऐसा आयुष महेश्वरी, प्रतिनिधि ‘‘ट्रूपल’’ ने कहा

कैसे जुड़े ‘‘ट्रूपल’’ से

आज लगभग हर 6 में से 1 व्यक्ति स्मार्टफोन का उपयोग कर रहा है। इसके साथ ही लोग सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते है। इसीलिए वेबसाइट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम के जरिए आप ‘‘ट्रूपल’’ से या ‘‘ट्रूपल’’ आपसे जुड़ सकता है।

सोमवार, 29 जनवरी 2018

महिन्द्रा बाहा एसएई इंडिया 2018 के ग्यारहवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन

इन्दौर : पीथमपुर में आयोजित महिन्द्रा बाहा एसएई इंडिया 2018 का बहुप्रतीक्षित 11 वाँ संस्करण कई उत्साहजनक पलों को स्मृति में छोड़ते हुए आज सफलतापूर्व सम्पन्न हुआ। 86 एम-बाहा टीमों में से कुल 46 टीमें और 25 ई-बाहा टीमों में से 7 टीमों ने एम-बाहा और ई-बाहा दोनों आयोजनों में एण्डुरेंस राउण्ड में मुकाबला पूर्ण किया। 

पुणे से श्रीमती कशिबाई नावाले कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को बेस्ट ई-बाहा टीम एवं पुणे से ही डी.वाय. पाटिल कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग को बेस्ट एम-बाहा टीम घोषित किया गया। एण्डुरेंस आयोजन को श्री बाबुल सुप्रियो, एक भारतीय पार्श्व गायक, अभिनेता एवं राजनेता एवं भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री साथ ही डॉ. पवन गोयनका, प्रबंधकीय निदेशक, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लि. द्वारा सुशोभित किया गया। 

ई-बाहा का यह चौथा संस्करण था, जिसका उद्देश्य भारत में उपेक्षित विद्युप गतिशीलता के लिये एक मंच प्रदान करना है। लगभग 388 टीमों द्वारा इस वर्ष बाहा एसएई इंडिया श्रृंखला के 11वें संस्करण के हेतु पंजीकरण किया गया, जिनमें से 221 (पीथमपुर के लिये 161 एवं रोपड़ के लिये 60) टीमों ने फाइनल के लिये अपनी योग्यता साबित की। हालांकि, केवल 112 (एम-बाहा के लिये 87 एवं ई-बाहा के लिये 25 टीमें) टीमों ने एण्डुरेंस राउण्ड में इसे बनाए रखा। इस वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों के लगभग 4000 छात्रों ने बाहा एसएई इंडिया 2018 की थीम ‘ग्राउण्ड टू ग्लोरी’ का आनंद उठाया। 

बाहा जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित करते हुए डॉ. पवन गोयनका, प्रबंधकीय निदेशक, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लि. ने अपने उद्बोधन में कहा, ‘‘भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन ज्ञान और रचनात्मकता के सामने कईं प्रकार के व्यवधान निर्मित हो जाते हैं, इसलिये यह वांछनीय है कि ऐसी प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहित किया जाए। बाहा, छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिये जोखिम उठाने का हौसला प्रदान करता है और उन्हें परम्परा से हट कर समाधान की खोज करने के लिये प्रेरित करता है। इसलिये हम बहुत ही गौरव का अनुभव करते हैं कि हमने बाहा को लगभग 11 वर्ष पहले भारत में लाने में महित्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साल दर साल बाहा में छात्रों द्वारा दिखाई गई सफलता और उत्साह से यह पता चलता है कि हमारी भूमिका ने कई नवाचारों को प्रेरित कर दीर्धकालिक समाज को लाभ पहुंचाया है।’’ 

श्री मुकेश के. तिवारी, कन्वीनर बाहा एसएई इंडिया 2018 एवं उप महाप्रबंधक, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लि. (टू-व्हीलर डिविजन) ने कहा, ‘‘भारत एक ऐसा देश है जो हमेशा अपरम्परागत विचारां को प्रेरित कर, उन्हें वास्तविकता में बदलता रहा है, जिससे सभी देशों को लाभ होता है। भारत के युवा ज्ञान का एक खजाना है और ये किसी भी प्रतिबंध से बाध्य नहीं है। यदि प्रदान की जाने वाली स्वतंत्रता और बिना व्यवधान का वातावरण उपलब्ध कराया जाए, तो युवा अनूठे समाधान के साथ नवीनता लाने में सक्षम हो सकते हैं। यह इस उद्देश्य के साथ है कि हमने बाहा एसएई इंडिया का इन सभी वर्षों में पूरा समर्थन किया, ताकि उद्योग और समाज के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों के व्यावहारिक समाधान के साथ इंजीनियरिंग छात्रों के अनुभव में नवाचार लाया जा सके। ’’ 

स्थाई अयोजनों में टीमां के लिये कई अन्य पुरस्कारों को शामिल किया गया है। पुणे से मराठवाड़ा मित्र मण्डल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और श्रीमती कशीबाई नावाले कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (एम-बाहा) ने इंजीनियरिंग डिजाइन पुरस्कार जीता जबकि डॉ. डी.वाय. पाटिल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, पिंपरी, पुणे ने गो-ग्रीन-एमिशन अवार्ड जीता। पीथमपुर में आयोजित बाहा एसएई इंडिया 2018 आयोजन में कुल पुरस्कार राशि 22,40,000/- जीतने के अलावा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भावना के साथ इस आयोजन में भाग लेकर सफलतापूर्वक उपब्धि हासिल की। 

यह चार दिवसीय आयोजन बुनियादी स्थिर मूल्यांकन के दौर के साथ शुरू हुआ, जिसमें डिजाइन मूल्यांकन, लागत मूल्यांकन और विपणन प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। अंतिम दौर में टीमों ने एक बीहड़ वाले पत्थरीले रास्ते पर अपने प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया, जिसका ऑफ-रोड़ चार पहिया वाहन का इंजीनियरिंग डिजाइन, सीएई, लागत और तकनीक नवाचार सहित विभिन्न मापदण्डों पर मूल्यांकन किया गया था। 

प्रतियोगिता का उद्देश्य वास्तविक दुनिया की इंजीनियरिंग डिजाइन परियोजनाओं और उनकी संबंधित चुनौतियों का अनुकरण करना था। प्रत्येक टीम का लक्ष्य बगैर पेशेवर फैब्रिकेटर्स से सीधे जुड़े सुरक्षित, आसानी से पहुंचने में सक्षम, आसान प्रबंधन और ड्राइव प्रोटोटाइप को मनोरंजक बनाना था। 

हालांकि, टीमें अपने ट्रांसमिशन को डिजाइन करने के लिए स्वतंत्र थी, केवल 60 किमी की गति सीमा के साथ प्रतिबंध था। गतिशीलता मूल्यांकन राउण्ड में त्वरण, स्लेज पुल, गतिशीलता और निलंबन तथा ट्रेक्शन के लिए वाहनां का परीक्षण किया गया। टिकाउपन मूल्यांकन राउण्ड में वाहनों को ई-बाहा के लिए एक घंटे और एम-बाहा के लिये चार घंटे के एण्डुरेंस परीक्षण से गुजरना पड़ा। एण्डुरेंस आयोजन में प्रत्येक वाहन की निरंतरता और किसी भी मौसम की परिस्थितियों में बाधाओं से युक्त किसी भी क्षेत्र में तेजी से काम करने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। 

बाहा एसएई इंडिया 2018 के 11वें संस्करण का दूसरा हिस्सा आईआईटी, रोपड़, पंजाब में 8 से 11 मार्च 2018 तक आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

सिद्धांतों को अभ्यास में परिवर्तित कर इंजिनियरिंग के छात्रों को ऑटोमोबाइल के लिये अपने जुनून का प्रदर्शन करने हेतु प्रदान किया गया एक अनूठा मंच

- महिन्द्रा, इन्दौर में बाहा एसएई इंडिया 2018 के 11 वें संस्करण को प्रायोजित किया। 
- ‘ग्राउंड टू ग्लोरी’ थीम के साथ उभरते इंजीनियर्स के जुनून, कड़ी मेहनत और धीरज का जश्न मनाने हेतु किया जाएगा एक आयोजन। 
- फाइनल के लिए 388 प्रविष्टियों में से 221 कॉलेजों ने योग्यता हासिल की।
इन्दौर : ऑटोमोटिव इंजिनियरिंग की एक पेशेवर संस्था द्वारा आज बहुप्रतिक्षित बाहा सीरीज के 11वें संस्करण का आगाज़ किया गया। यह आयोजन 24 से 28 जनवरी 2018 तक इंदौर के पास पीथमपुर में एनएटीआरआईपी सुविधा के साथ आयोजित किया जाएगा जिसमें महिन्द्रा के रूप में एक मुख्य प्रायोजक के साथ-साथ 35 अन्य उद्योग भी प्रायोजक हैं। बाहा एसएई इंडिया 2018 के लिए लगभग 388 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं थी, जिसमें से पारम्परिक बाहा के लिये 180 टीमों तथा वर्चुअल राउण्ड में ई-बाहा के लिये 41 टीमों का चयन किया गया था। इसका अनुकरण 29 और 30 जनवरी 2018 को होने वाली एचआर मीटिंग द्वारा किया जाएगा।
महिन्द्रा बाहा एसएई इंडिया 2018 को भारत भर के सभी झोन्स्-पश्चिम, उत्तर, पूर्वी एवं दक्षिण से प्रतिनिधित्व के साथ शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।
इस चार दिवसीय आयोजन में तकनीकी निरीक्षण, स्थिर मूल्यांकन जैसे-डिज़ाईन, लागत और बिक्री प्रस्तुति एवं गतिशील आयोजन जैसे-गतिवृद्धि, स्लेड पुल, सस्पेंशन और ट्रैक्शन तथा कुशल संचालन योग्यता  को शामिल किया जाएगा। एनएटीआरआईपी के तत्वावधान में 24 से 28 जनवरी 2018 तक नैट्रेक्स सुविधा के साथ इंदौर के पास पीथमपुर में ई-बाहा के लिये 2 घंटे और एम-बाहा के लिये 4 घंटों  का एन्ड्यूरेंस राउण्ड आयोजित किया जाएगा।
बाहा एसएई इंडिया के द्वारा प्रत्येक वर्ष एक नई थीम को अपनाना एक अद्वितीय और उल्लेखनीय विशेषता है। इस वर्ष बाहा 2018 के लिए थीम ‘ग्राउण्ड टू ग्लोरी’ है, जो ऐसे उभरते इंजीनियर्स के जुनून, कड़ी मेहनत और धीरज का प्रतिनिधित्व करती है, जो अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए पूरे साल पूरी लगन के साथ प्रयासरत रहते हैं। यह थीम छात्रों को सहर्ष चुनौतियों का सामना करने हेतु प्रेरित करती है। यह छात्रों को उनकी यात्रा और सीमाओं को चुनौती देने हेतु तैयार करती है तथा बाहा इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों के लिये ग्राउण्ड फॉर ग्लौरी का निर्माण करता है।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. पवन गोयनका, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, ‘‘बाहा एसएईइंडिया और इसकी बढ़ती लोकप्रियता में महिन्द्रा के सहयोग का यह 11वाँ वर्ष है, इस वर्ष दो आयोजनों को प्रायोजित करते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं। हम नवाचार की भावना, जो कि ग्राउण्ड टू ग्लोरी के आसपास उपयुक्त है का उत्सव मनाएंगे। महिन्द्रा पर हम युवा इंजीनियरिंग छात्रों के कौशल को सुधारने, युवाओं की इंजीनियरिंग क्षमता को बढ़ाने तथा भारत के लिए आवश्यक तकनीकी मानव संसाधन विकसित करने हेतु समर्पित हैं।’’
मुकेश के तिवारी, कन्वीनर बाहा एसएई इंडिया 2018 ने बताया, ‘‘चूंकि प्रतिस्पर्धा शुरू हो रही है और प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने अपने लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में अपनी प्रतिभा और कौशल को झोंक दिया है, पिछले 11 वर्षों से बाहा एसएई इंडिया के साथ यह संबंधता हम में से प्रत्येक को बहुत खुशी प्रदान करती है। इन वर्षों में हमने देखा है कि प्रतिभागियों के उत्साह में काफी वृद्धि हुई है और उनकी भागीदारी का स्तर भी निरंतर बढ़ रहा है। हमें पूर्ण विश्वास है कि वर्तमान संस्करण पिछले सभी वर्षों की तुलना में अधिक सफल होगा और नवाचार के लिए नवीन मानक स्थापित करेगा।’’
डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे, अध्यक्ष एआईसीटीई ने कहा, ‘‘बाहा एसएई इंडिया बहुत ही अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में अनुभवात्मक सीख प्रदान कर छात्रों के हित में उत्साह का निर्माण करने में अपना योगदान दे रहा है। यह आयोजन अपने प्रथम वर्ष 2007 में शुरूआत के बाद से ही एक बहुमुखी आयोजन बन गया है। मैं बाहा एसएई इंडिया को अपने 11वें वर्ष में प्रवेश करने पर बधाई देता हूं। यह वांछित है कि जो छात्र इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उन्हें संबंधित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है। हालांकि, पंजीकरण, वाहनों की शिपिंग और छात्रों की यात्रा के लिए बहुत बड़ी धनराशि की आवश्यकता है और इस प्रयोजन को प्राप्त करने में बहुत प्रयास किये जा रहे हैं। मुझे यह घोषणा करने में अत्यंत खुशी हो रही है कि जो टीम बाहा एसएईइंडिया में अच्छा प्रदर्शन करती है और शीर्ष सम्मान प्राप्त करती है, उसके छात्रों को 1 लाख रूपए प्रति छात्र का वित्त पोषण प्रदान किया जाएगा, ऐसे छात्रों की संख्या 10 तक हो सकती है। विजेता टीमों को एआईसीटीई की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना आवश्यक होगा। यह योजना देश के लिए गौरव अर्जित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह पुरस्कार भारतीय आयोजनों की सफलता में मदद भी प्रदान करेंगे। मैं एसएईइंडिया और इसमें भाग लेने वाली टीमों को शुभकामनाएँ देता हूं।’’
जुलाई 2017 में बाहा 2018 फाइनल के लिए देशभर के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों से चितकारा विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ पर वर्चुअल राउण्ड आयोजित किया गया था, जहां उन्हांने बाहा बग्गी वाहन के लिए अपने डिज़ाईन प्रस्तुत किए, जिसे वे अंतिम आयोजन के लिए डिजाइन करना चाहते थे। चयनित टीमों का पूरी तरह से विश्लेषण और उनके लिखित परीक्षा परिणामों की तुलना, सीएडी डिजाइन, सीएई विश्लेषण तथा रोल कैज, संस्पेंशन, स्टीयरिंग एवं ब्रेक के डिज़ाईन के माध्यम से चयन किया गया। वर्चुअल बाहा में प्रस्तुत प्रविष्टियाँ वर्चुअल अभ्यास मात्र थीं, जिन्हें प्रतिभागियों द्वारा फाइनल में सटीक विनिर्देशों के साथ बनाया जाएगा। अपनी बग्गी रेस कार के निर्माण के बाद फाइनल राउण्ड में टीमें अपने कौशल, सूझबूझ और जुनून का प्रदर्शन करेगी।
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरूआत का लाभ उठाने के लिए बाहा एसएईइंडिया द्वारा 2015 में ई-बाहा श्रृंखला की पहल भी की गई थी। एम-बाहा वाहन 10 एचपी बीएण्डएस गैसोलीन इंजिन पर चलते हैं, जो सभी 180 टीमों के लिए आम है, जबकि इलेक्ट्रिक मोटर द्वारा चालित और एक रिचार्जेबल लिथियम आयन बैट्री पैक द्वारा संचालित ई-बाहा वाहन इलेक्ट्रिसिटी से चलेंगे।
बाहा एसएईइंडिया की बढ़ती लोकप्रियता के साथ इस वर्ष दो बाहा आयोजित किए जाएंगे। एक जो पीथमपुर, मध्यप्रदेश में चल रहा है, और दूसरा 8 मार्च से 11 मार्च 2018 तक आईआईटी रोपड़, पंजाब पर आयोजित किया जाएगा। इस प्रयास से 60 और टीमों की पूर्ति करने में मदद मिलेगी, जिनके पास बाहा एसएईइंडिया में भाग लेने का अवसर होगा।

बाहा एसएई-इंडिया के बारे में:

बाहा एसएई-इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिये एक शैक्षणिक खोज, एक क्लास रूम के बाहर की शिक्षा प्रणाली है, जहां सम्पूर्ण भारत से इंजीनियरिंग छात्र एक टीम के रूप में भाग ले सकते हैं। जहां उन्हें उद्योग में पेश आने वाली वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। मूल रूप से मिनी बाहा एसएई के रूप में एसएई इंटरनेशनल द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू होकर वर्तमान में यह कईं देशों में आयोजित किया जा रहा हैं। भारत में यह बाहा एसएईइंडिया के रूप में आयोजित किया जा रहा हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की छात्र प्रतियोगिता की टीम में देशभर के विश्वविद्यालयों से डिज़ाइन, विश्लेषण, फेब्रिकेशन के क्षेत्रों से छात्र हिस्सा लेंगे एवं इसमें सभी प्रकार के वाहन मान्य हैं।
स्थैतिक, गतिशील एवं स्थायित्व के अवसरों जैसे, डिज़ाइन, लागत आंकलन, बिक्री प्रस्तुति, त्वरण, गतिशीलता, पहाड़ी चढ़ाई और सहनशक्ति की एक श्रृंखला के दौरान इसका मूल्यांकन किया जाता है।
पहले संस्करण में 27 टीमां ने इसमें भाग लिया, जबकि ग्यारहवें संस्करण के लिये 388 टीमों ने हिस्सा लिया था और इसी के चलते 150 से अधिक टीमों के रजिस्ट्रेशन का अनुमान लगाया गया है, यही कारण है कि बाहा एसएईइंडिया के लिये एनएटीआरआईपी प्रमाणित ग्राउण्ड पर इन टीमों के बीच मुकाबला होगा। इस तरह की एक अभूतपूर्व ग्रोथ किसी भी विपणन या प्रचार खर्च के बिना हासिल की गई है।
इन वर्षों में बाहा की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है और यह राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा आयोजन बन गया है, इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यह युवा इंजीनियरिंग प्रतिभाओं के लिये चुनौतियों का सामना कर बाधाओं पर काबू पाकर अपने कौशल और वास्तविक जीवन के अनुभव के प्रदर्शन का अवसर है, जो उनके लिये लंबे समय की सफलता के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। ये इंजीनियर्स अपनी अवधारणा, डिज़ाइन एवं 4-व्हील, सिंगल-सीटर वाहन के निर्माण के द्वारा ऑटोमोबाइल्स् के लिए अपने जुनून का प्रदर्शन करते हैं।
महिन्द्रा, डॉ. पवन गोयनका, बाहा इंडिया की संचालन समिति के अध्यक्ष के विश्वसनीय नेतृत्व में इसकी स्थापना के समय से ही निरंतर इस आयोजन में एक प्रमुख भूमिका निभाते आ रहा है। पिछले 8 वर्षों से महिन्द्रा इसका शीर्षक प्रायोजक है और इस वर्ष भी यह गर्व के साथ अपनी भूमिका निभाने के लिए तत्पर है एवं इसके अलावा एआरएआई, अल्टेयर, आनंद ऑटोमोटिव्स, एनसिस, एएसडीसी, एवीएल, भारत पेट्रोलियम, बीकेटी, बॉश, ब्रिगेस एंड स्ट्रेटन, चितकारा यूनिवर्सिटी, कॉन्टिनेंटल, कमिन्स्, इलीशन, जीएम, आईआईटी रोपर, आईसीएटी, आईटीडब्ल्यू चेमिन, लेअर, एलएंडटी, एलएनसीटी इंदौर, मैथवर्क्स्, मेदांता हॉस्पिटल, मेंटर ग्राफिक्स, एमपी कंसल्टिंग, माय एफएम, एनएटीआरआईपी, ओयो रूम्स, पद्मिनि इंजीनियरिंग, पोलारिस, प्रिया इवेन्टस, पीटीसी, रेडिसन होटल, वीजे प्रोडक्शन, वार्राक, वाल्वो एंड वुर्थ भी लगातार इस आयोजन हेतु अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। एसआईएएम, एसीएमए एएसडीसी और एआईसीटीई द्वारा भी इसका समर्थन किया जा रहा है।

ई-बाहा के बारे में :

ई-बाहा, बाहा एसएईइंडिया की एससी एवं ओसी द्वारा शुरू किया गया एक समारोह है जिसमें प्रति वर्ष 1000 से अधिक इंजीनियरिंग के छात्र शामिल होते हैं। भारत में बिजली की गतिशीलता की शुरूआत का लाभ उठान के लिए हमने 2015 में श्री सुबोध मोर्ये के संयोजन में इस समारोह की शुरूआत की थी, यह एक ऐसा मंच है जहाँ इंजीनियरिंग के छात्रों को बाहा नियम पुस्तिका की समान गतिशीलता पर एक इल्ोक्ट्रिक वाहन का निर्माण एवं इस आश्चर्य का अनुभव करना होता है कि यह वाहन बिजली के साथ चलता है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महामहिम स्वर्गीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के साथ एक सत्र के दौरान, उन्होंने आयोजन समिति को राष्ट्रीय समृद्धि के लिए इस मंच का उपयोग करने का सुझाव दिया। उनके विचारों से अभिभूत होकर आयोजन समिति ने अपने आठवें सत्र-ई-बाहा में एक नए समारोह को शामिल करने का निर्णय लिया। चूकिं पारंपरिक बाहा पेट्रोल चालित एटीवीज के बारे में है, ई-बाहा वाहन रिचार्जेबल लीथियम आयन बैटरी पैक्स द्वारा संचालित बिजली की मोटर का प्रयोग करके बिजली पर चलाओगे। बिजली द्वारा संचालित एटीवी डिजाइन प्रतियोगिता ई-बाहा, बिजली की गतिशीलता पर जोर देती है।
इस समारोह के माध्यम से हमारा इरादा देश के युवा मानस को गतिशीलता के इलेक्ट्रिक विज्ञान जो कि आने वाला भविष्य है, के प्रयोग एवं अन्वेषण करने का अवसर प्रदान करना है।

बुधवार, 24 जनवरी 2018

हर भारतीय को गौरवान्वित कर देने वाला हैं ! परम वीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिन्दर सिंह की जीवनी पर बन रही फिल्म का टीजर

मुम्बई : सागा म्यूजिक एवम यूनिसिस इन्फोसोल्युश्न्स के साथ सैवन कलर्स मोशन पिक्चर्स रिलीज करने जा रहा हैं परम वीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिन्दर सिंह की जीवनी का टीजर, यह देश की पहली ऐसी जीवनी हैं जो किसी परम वीर चक्र विजेता पर बनी है एवम पंजाबी के अलावा तीन भाषाओं, हिंदी, तमिल और तेलगु में रिलीज होगी।

यह फिल्म बहु-अदाकार फिल्म है। इस आज के जमाने के नए अदाकारों के साथ मुख्य भूमिका में नजर आएंगे गिप्पी ग्रेवाल, गुग्गु गिल, कुलविंदर बिल्ला, अदिति शर्मा, राजवीर जवंदा, रोशन प्रिंस, करमजीत अनमोल, सरदार सोही, लवलीन कौर सैसन, जॉर्डन संधू । इस फिल्म की रिलीज 2018 ग्रीष्म ऋतु के समय निर्धारित की गई हैं।

सोमवार, 22 जनवरी 2018

बहुत सफल रहा लियुगांग इंडिया का सफर : प्रबंध निदेशक वू सांग

- विश्वस्तरीय ग्राहक सेवा के देने लिए कली से फूल खिलने तक का सफर

- भारतीय बाजारां के अनुसार एक्सकेवेटरों और माइनिंग मशीनों की पूरी रेंज़

- भारत में 15 वर्षों से भरोसे का नाम और ब्राण्ड की जबरदस्त टिकाऊ पहचान

- ईंधन खपत कम, कारोबार में मुनाफा अधिक और उपयोग में आराम

- विश्वस्तरीय शोध एवं विकास में सक्षम, बेहतरीन सेवा के लिए पूरे भारत में 50 से अधिक संपर्क केंद्रों का नेटवर्क

पीथमपुर : लियुगांग इंडिया, गुवांगज़ी लियुगोंग की सब्सीडियरी, दुनिया की सबसे बड़ी व्हील लोडर निर्माता कम्पनी ने अपने भारतीय कारोबार की 15वीं सालगिरह की घोषणा करते हुए अपने साझेदारों, समर्थकों और मीडिया के लिए एक भव्य आयोजन किया। ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को सच करते हुए कम्पनी ने भारतीय बाजारों में लियु गोंग की खास मशीनें पेश की है जो कभी भी, किसी भी चुनौती को पूरा करने में सक्षम हैं। कम्पनी के अभिनव प्रयास और नए ऑफर बहुत सफल रहे हैं।
यह समारोह लियु गोंग की 60वीं सालगिरह के अवसर पर पिछले साल घोषित ग्लोबल टुअर का एक हिस्सा है।
लियुगांग इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री वू सांग ने इस अवसर पर कहा, ‘‘हमारा भारतीय सफर बहुत सफल रहा है। यादें, अनुभव और हमारी उपलब्धियां - हमें सब पर गर्व है। हमें अपने पैट्रंस का निरंतर सहयोग रहा है और हम उनके दिल से आभारी हैं। कंस्ट्रक्शन उपकरण बाजार में हमारे तेजी से उभरने में हमारे प्रयास के साथ हमारे पैट्रंस के अटूट विश्वास का बड़ा योगदान रहा है।’’
‘मेक इन इंडिया’ की मुहिम को सफल बनाने और रोजगार बढ़ाने के लक्ष्य से कम्पनी पीथमपुर लियुगोंग फैक्ट्री की क्षमता बढ़ाने के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त निवेश करेगी। कम्पनी के कार्मिकों की संख्या अगले 2-3 वर्षों में 40 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। भारत में मानव संसाधन विकास के इस प्रयास से स्किल इंडिया मिशन को भी बढ़ावा मिलेगा।’’
अन्य सभी लियुगांग मशीनों की तरह लियुगांग इंडिया की मशीनें भी कठिनतम परिस्थितियों में कार्य करने के लिए खास डिज़ाइन से बनती हैं और कड़े परीक्षण के बाद पेश की जाती हैं। भारत में बनी मशीनें स्थानीय परिस्थितियों के लिए पूर्ण परीक्षित होती हैं। इनके कम्पोनेंट विश्व स्तरीय हैं। इनके इंजन, ट्रांसमिशन एक्सेल, सिलेंडर या कंट्रोल सभी कमिंस, जैडएफ या कावासाकी जैसी दुनिया की नामी कम्पनियों में बने होते हैं। भारत की धरती पर हर हाल में कामयाबी की मिसाल लियुगोंग की मशीनें बेहद सक्षम, टिकाऊ, उपयोग में आसान, सर्विस में आसान होने के साथ परिचालन खर्च में किफ़ायती भी हैं!

लियुगांग इंडिया की सफलताओं का सिलसिला

2002 : भारत ने पहली बार लियुगांग कंस्ट्रक्शन मशीन की खरीद की। गोवा के लौह खनिज खान में व्हील लोडर की 14 यूनिट की आपूर्ति की गई। ये मशीनें 30,000 घंटों से अधिक कार्य कर चुकी हैं और आज भी कार्यरत हैं।
2007 : कंस्ट्रक्शन मशीन की पहली 1000 यूनिटों की बिक्री। लियुगांग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एलआईपीएल) का गठन किया गया। नई दिल्ली में कॉर्पोरेट कार्यालय खुला।
2008 : पीथमपुर उत्पादन संयंत्र की नींव रखी गई। इस परिसर में 44 एकड़ से अधिक जमीन है और इसमें सालाना 3,000 यूनिट व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर उत्पादन की क्षमता है।
2009 : पीथमपुर फैक्ट्री ने पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर पेश किया।
2011 : सरकार के मानकों को पूरा करते हुए कंस्ट्रक्शन वाहन लांच किया - BS-III
2012 : उत्पादन शृंखला का विस्तार करते हुए लियुगोंग के 411 मोटर ग्रेडर का निर्माण शुरू किया।
2013 : 3 टन क्षमता के व्हील लोडर का नया वैरियंट 836 ठै.प्प्प् पेश किया।
2014 : 2 टन व्हील लोडर का नया सेगमेंट लांच किया 818 BS-III
2016 : 922 डी हेवी ड्यूटी एक्सकेवेटर लांच किया
2017 : नया 921 डी एक्सकेवेटर और 611 कम्पैक्टर लांच किया

लियुगांग का परिचय

पिछले लगभग 60 वर्षों से कंस्ट्रक्शन इक्वीपमेंट निर्माण की विश्वप्रसिद्ध कम्पनी लियुगांग मशीनरी कॉर्पोरेशन आज दुनिया के 137 देशों में पहुंच और पहचान रखती है। पूरी दुनिया में कम्पनी के 20 निर्माण संयंत्र और 9 सब्सीडियरी कम्पनियां हैं।
लियुगांग का कमिंस और जैडएफ के साथ संयुक्त उद्यम है जो क्रमशः इंजन और ट्रांसमिशन निर्माण की अग्रगण्य कम्पनियां हैं। दुनिया की सबसे तेज उभरती, विश्वव्यापी सीई कम्पनियों में लियुगोंग का बड़ा नाम है। आज जब कंस्ट्रक्शन मशीन के मालिकों के लिए कम लागत पर ज्यादा काम करने की ज्यादा चुनौती है लियुगांग की ‘एक्स्ट्रीम ड्यूटी’ और इंट्युटिव मशीनें (जिनकी बड़ी रेंज़ है) हर कदम उनका साथ देती हैं। लियुगांग अपने कार्मिकों को आगे बढ़ने का अवसर देती है और ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता के प्रोडक्ट और सेवाएं देती है। कम्पनी निवेशकों को बड़ा मुनाफा देती है और अपने कार्य क्षेत्र में समाज की तरक्की के लिए सहायक है। इसके सबसे हाल के इनोवेशन के लिए कम्पनी को दुनिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट व्हील लोडर का पेटेंट प्राप्त है।

लियुगांग इंडिया का परिचय

लियुगांग इंडिया का ‘अत्याधुनिक’ निर्माण संयंत्र पीथमपुर (मध्य प्रदेश) में है। कम्पनी का अपना शोध-विकास और प्रशिक्षण केंद्र भी है। लियुगांग की 4000 से अधिक मशीनें भारत में सड़क निर्माण, माइनिंग, हाइड्रो पावर और पाइप हैंडलिंग आदि क्षेत्रों कार्यरत कम्पनियों की सेवा में संलग्न हैं। लियुगांग को पुराने ग्राहकों से बार-बार ऑर्डर मिलना कम्पनी के प्रोडक्ट की उत्कृष्टता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

लियुगांग इंडिया के कॉर्पोरेट कार्यालय दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में हैं। इसके 20 डीलरशिप के साथ नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत पूरे भारत में 50 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं। स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता आसान करने और मशीनों को निरंतर कार्यरत रखने के मकसद से चेन्नई और इंदौर में कम्पनी के स्पेयर पार्ट्स के वेयरहाउस हैं। पीथमपुर में कम्पनी का शोध-विकास केंद्र है। लियुगोंग इंडिया ग्राहकों को कभी भी, कहीं भी सहायता सेवा देने के लिए तैयार है।

बुधवार, 10 जनवरी 2018

महिंद्रा एएमसी ने पेश किया महिंद्रा उन्नति इमर्जिंग बिजनेस योजना, शुरुआती सदस्यता हेतु नए फंड का ऑफर 22 जनवरी तक

इंदौर : महिंद्रा फाईनेंस की सहायक कंपनी तथा महिंद्रा म्युचुअल फंड की इनवेस्ट मैनेजमेंट कंपनी महिंद्रा असेट मैनेजमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने महिंद्रा उन्नति इमर्जिंग बिजनेस योजना को लांच करने की घोषणा की है। यह एक मिडकैप फंड तथा ओपेन एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्यतया मिडकैप केस्टॉक्स में निवेश करेगा। इस नए फंड का ऑफर 8 जनवरी 2018 को खुलकर 22 जनवरी को बंद होगा। 6 फरवरी के बाद यह फंड फिर से क्रय- विक्रय के लिए खुलेगा।

महिंद्रा एएमसी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष बिश्नोई ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर है और चूंकि भारत सरकार सुधारों, निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर काम कर रही है, अतएव इससे अर्थव्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी, जो असंगठित बाजार शेयर को संगठित बाजार में रुपांतरित करेगा, जो कि एक बहुत बड़ा उपभोक्ता सेगमेंट का खंडित क्षेत्र है। इससे हर घर में तरक्की होगी और राष्ट्र की तरक्की में यह सहायक सिद्ध होगा।

बिश्नोई ने आगे कहा कि, अपेक्षाकृत मंदी के माहौल में भी मिडकैप कंपनियों ने लॉर्ज कैप कंपनियों की तुलनमा में उम्दा प्रदर्शन कर आय में अच्छी वृद्धि दर्ज की है। मिडकैप के क्षेत्र में हम स्टॉक्स से संबंधित निवेश में अच्छे खासे अवसर देख रहे हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जिसमें बहुवार्षिक संरचनात्मक वृद्धि की संभावनाएं हैं। जैसे दृजैसे अर्थव्यवस्था बड़ी होती जाएगी, एक अच्छा बाजार के तैयार होने की संभावना बलवती होगी, जिसमें बहुतेरे सेक्टरों के लिए बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। यह फंड उन निवेशकों को उभरती हुई कंपनियों की विकास यात्रा में सहभागी होने का एक मौका प्रदान करेगा, जिनके पास भविष्य में मार्केट लीडर बनने की योग्यता है।

4 कारण जिससे महिंद्रा उन्नति इमर्जिंग बिजनेस योजना में निवेश किया जा सकता है

(1) बढ़ता भारत- विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने का माद्दा भारत में है।

(2) रिटर्न की क्षमता- मध्यम आकार वाले व्यापार जो खुद को नियमित रूप से अपग्रेड और परिष्कृत करते रहते हैं, उनके पास लंबी अवधि में जोखिम से समायोजित ज्यादा रिटर्न पाने की योग्यता होती है।

(3) निवेश की गुणवत्ता- सभी सेक्टरों में से स्थिर रूप से प्रदर्शन करने वाले व्यापार का बॉटमअप चुनाव जो आगे चलकर लॉर्ज कैप बन सकते हैं।

सोमवार, 8 जनवरी 2018

इम्पीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स सीजन 4 : फरहान लाइव द्वारा रोमांचक परफॉर्मेंस से शहर को झुमाया

इंदौर : स्थानीय लोगों को शनिवार की रात एक ‘जबरदस्त म्यूजिकल नाइट्स‘ देखने का मौका मिला। दरअसल इम्पीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स का नया सीजन फरहान लाइव द्वारा एक रोमांचक परफॉर्मेंस से शहर को झुमाया। भारत के सबसे चहेते रॉकस्टार फरहान अख्तर और उनका बैंड ने शनिवार रात रंगून गार्डन में मंच पर धमाल किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनें मशहूर गानों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

इम्पीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स लगातार तीन साल तक देश को झुमाने के बाद एक और अधिक जबरदस्त सीजन 4 का वादा पूरा किया है। इम्पीयिरल ब्लू सुपरहिट नाइट्स का यह बिल्कुल नया सीजन बेहद शानदार रहा। यह मनोरंजन, डायनैमिज्म और भव्यता के सुपरहाउस से कम नहीं है। यह बेहतरीन म्यूजिकल सीरीज ने अपने जादू और रहस्यों से दर्शकों को आकर्षित किया।

नये सीजन में मल्टी-सिटी म्यूजिक सिरीज को नये मुकाम पर पहुंचाते हुये फरहान कुशल म्यूजिशियंस के बैंड के साथ मंच पर अपने कुछ यादगार एवं मशहूर गानों को प्रस्तुत किया। इनमें ‘रॉक ऑन‘, ‘सेनोरिटा‘, ‘दिल चाहता है‘, ‘अतरंगी यारी‘ और ‘जिंदा‘ शामिल हैं। अपनी मैगनेटिक एनर्जी, पैर थिरकाने वाले गानों और बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ अपने प्रशंसकों को लुभाने का वादा करते हुये फरहान लाइव इस संगीत उत्सव में उनके प्रशंसकों का दिल जीता।

राजा बनर्जी, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, मार्केटिंग, परनोड रिकॉर्ड इंडिया ने कहा, ‘‘इम्पीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स ने हर साल एक नया मुकाम हासिल किया है। इस कार्यक्रम के चौथे सीजन में बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ गायकों का संयोजन किया। हमें ‘फरहान लाइव‘ के साथ बेहद प्रतिभाशाली फरहान अख्तर को पेश करते हुये बेहद गर्व हो रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि इस सहयोग से हमें इस मंच को और अधिक भव्य बनाने में मदद मिली। वह पूरे देश में सफर करेंगे और हमारा वादा है कि अपने दमदार लाइव परफॉर्मेंस से वह आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे।‘‘

फरहान अख्तर ने कहा, ‘‘इस सफर में शामिल होने का ख्वाब हर परफॉर्मर देखता है। इंदौर में इम्पीरियल ब्लू सुपरहिट नाइट्स टुअर में परफॉर्मे करने का मुझे बहुत मज़ा है।‘‘
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