परिणामों
के अनुसार, बालों
का झड़ना या तो कई बीमारियों (जैसे टाइप 2 डायबिटीज, हाइपोथायरायडिज्म और पीसीओएस) या पोषण संबंधी कमियों
का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। शुरुआती चरण में इन्हें ठीक करने से न केवल बीमारियों
को प्रकट होने से रोका जा सकता है, बल्कि झड़े हुए बालों को भी फिर से हासिल किया जा
सकता है।
5,800 से अधिक पुरुषों और 4,500 से अधिक महिलाओं के बालों के झड़ने के एक सैम्पल
साइज के अनुसार निम्नलिखित नतीजे मिले:
74% पुरुष और 71% महिलाएं डायबिटीज मेलिटस
के जोखिम के दायरे में थीं। दूसरी ओर, 79% पुरुषों और 74% महिलाओं को हाइपोथायराइडिज्म का खतरा था। हैरानी की बात यह है कि 30% से कम उम्र की 84% महिलाओं के साथ ही 56% पुरुषों में एनीमिया के शुरुआती लक्षणों का पता चला।
अगर खून की इन कमियों को दूर किया जाता है, तो इन व्यक्तियों में तीन महीने की अवधि में बालों को
फिर से उगाने की संभावना है।
परीक्षणों
ने यह भी संकेत दिया कि 30 वर्ष से अधिक उम्र की 94% महिलाओं में ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी थी, जबकि 75% पुरुष विटामिन बी 12 की कमी से पीड़ित थे।
डॉ.
बत्रा’ज के जेनेटिक परीक्षणों के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए;
द ट्राइकोलॉजिकल सोसाइटी,
लंदन के प्रथम भारतीय
ट्राइकोलॉजिस्ट और वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, डॉ. बत्रा’ज ग्रुप ऑफ कंपनीज, डॉ. अक्षय बत्रा ने कहा
कि “बालों
का झड़ना कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक मेडिकल समस्या है और बालों के 10,000 रोगियों से मिले नतीजे इस तथ्य की तरफ इशारा करते हैं।
हम हमेशा से ही हेयर टेक्नोलॉजी में इनोवेशन लाने में सबसे आगे रहे हैं और अपने मरीजों
को दुनिया भर में उपलब्ध बेहतरीन हेयर फाल ट्रीटमेंट देने की कोशिश की है। हम 24,000 से अधिक जेनो होम्योपैथी परीक्षण कर चुके हैं और एक
वर्ष में बालों से संबंधित समस्याओं से पीड़ित 10,000 से अधिक रोगियों की जिंदगी को बदला है।”
पद्मश्री से सम्मानित और प्रसिद्ध होम्योपैथ डॉ. मुकेश
बत्रा ने कहा कि “यह बहुत अच्छा है कि हमारे मरीज शुरुआती अवस्था में ही
बीमारियों की पहचान करने और इलाज कराने के लिए उत्सुक हैं, जिससे आगे चलकर अधिक स्वास्थ्य
लाभ के नतीजे सामने आते हैं। मैं हमेशा से दृढ़ विश्वासी रहा हूँ कि रोकथाम इलाज से
बेहतर है। अगर हम एक देश के रूप में अपने लोगों की बेहतर निवारक देखभाल करना शुरू करते
हैं,
तो हमारे पास एक मजबूत और अधिक सक्षम
राष्ट्र होगा।” डॉ. मुकेश बत्रा ने एलोपेसिया के कारणों,
लक्षणों,
स्वयं सहायता सुझावों के बारे
में जानकारी दिया है और उपाय बताये हैं, जिन्हें आप निम्नलिखित लिंक पर देख सकते
हैं: https://bit.ly/2KpbVVc
न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के
शोधकर्ताओं के अनुसार, वैज्ञानिकों ने आठ जीनों की पहचान की है जो एलोपेसिया रोग से जुड़े हो सकते हैं। पहचाने
गए जीन भी कई ऑटोइम्यून विकारों से जुड़े होते हैं, जिनमें डायबिटीज मेलेटस और रुमेटाइड ऑर्थराइटिस
शामिल हैं। इसलिए बालों के झड़ने का उपचार करके, विशेष रूप से इन विशेष जीनों को लक्षित
करके ऑटोइम्यून विकारों का इलाज किया जा सकता है, जिनमें एलोपेसिया के साथ ही
डायबिटीज मेलेटस, रुमेटाइड ऑर्थराइटिस शामिल हैं।
एलोपेसिया
का सबसे आम उपचार स्थानीय रूप से दिये जाने वाले स्टेरॉयड इंजेक्शन के साथ/इसके
बिना मौखिक रूप से दिये जाने वाले स्टेरॉयड हैं। हालाँकि,
डॉ. बत्रा’ज के अध्ययनों से पता चला
है कि स्टेरॉयड के बाद कहीं-कहीं पर बालों के झड़ने की रिलैप्स दर होम्योपैथिक उपचारों
के बाद सिर्फ 9.1% की दर की तुलना में 50% अधिक है।
होम्योपैथिक
दवाएं भी बालों के पुन: विकास को बढ़ावा देती हैं, और अन्य क्षेत्रों में गंजे होने और उसके प्रसार को
नियंत्रित करती हैं। मन से जुड़ी समस्याओं के कारण बालों के झड़ने के मामले में
होम्योपैथी उत्कृष्ट समाधान है, जैसे कि तनाव के कारण पैची हेयर लॉस यानी एक जगह से
बालों का झुंड में झड़ना।
होम्योपैथी
बालों के झड़ने और एलोपेसिया के इलाज में बेहद प्रभावी है। होम्योपैथिक दवाएं न केवल
बालों के झड़ने के लक्षणों का इलाज करती हैं, बल्कि बालों के झड़ने के मूल कारणों का भी उपचार
करती हैं। यह नए पैच के विकास की दर को धीमा कर देती है,
उनकी आवृत्ति और तीव्रता को कम करती
है और रोग के प्रसार को भी सीमित करती है। होम्योपैथी बालों के झड़ने और बालों के विकास
के चक्र को भी नियंत्रित करती है, पैच में बालों को फिर से बहाल करने में मदद करती है और
चलन में मौजूद एप्लिकेशंस पर निर्भरता को भी कम करती है। पैच में बालों के झड़ने के
लिए,
होम्योपैथिक दवा एसिड फ्लॉवर
पहली पसंद है। पिछले दुखों जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु से प्रेरित एलोपेसिया के लिए
नैट्रम म्यूर दिया जाता है। हाल ही प्यार में मिली निराशा के बाद दिखाई देने
वाले पैच के लिए, इग्नाशिया बालों के झड़ने के इलाज में बहुत प्रभावी हो सकती है।

बालों
की उपचार विधि में पहला चरण स्थिति का विस्तृत पहचान करना होता है। इसके बाद,
व्यक्तिगत रूप से बालों के झड़ने की उपचार योजना बनायी जाती है। रोगियों को पेश आ रही
भावनात्मक कठिनाई को पूरी तरह से समझने के बाद डॉक्टर मरीजों को सलाह देते हैं कि
वे समस्या से कैसे निपटें। डॉ. बत्रा’ज ने बालों के झड़ने की समस्या से ग्रसित 6
लाख से अधिक रोगियों का इलाज किया है और डॉक्टर एलोपेसिया को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। डॉक्टरों को भी
कोटा क्लिनिक में पूरी तरह से गंजापन लाने वाले एलोपेसिया टोटलिस से ग्रसित रोगी के मामले में बालों को फिर से हासिल
करने में अद्भुत सफलता मिली है:
एक 18 वर्षीय लड़की (नाम छिपाया गया है) को स्कूल जाने और स्कूल
के कार्यों में भाग लेने से नफरत थी। वह सेल्फी क्लिक करने का शौक रखती थी, लेकिन जिसे वह गंजा होने के कारण नहीं
ले सकती थी। जिंदगी बहुत दर्दनाक हो गई थी, क्योंकि उसके सहपाठी उसके गंजापन का निर्दयता
से मज़ाक उड़ाया करते थे। लेकिन पिछले 18 महीनों से डॉ. बत्रा’ज के
होम्योपैथिक उपचार के बाद उनका जीवन बदल गया है। हम उसके चेहरे पर मुस्कान लाने में
सफल रहे। उसके सारे बाल आ जाने से वह अब बहुत खुश है और विभिन्न हेयर स्टाइल
बनाने के लिए उत्सुक रहती है। उसमें अधिक आत्मविश्वास आ गया है, क्योंकि उसे लगता
है कि वह सुंदर दिखती है। अब वह बेहिचक कॉलेज जाने और कार्यक्रमों में भाग लेने के
लिए खुशी से तैयार रहती है। उसके पास अब अपनी सेल्फी का एक कोलाज भी है।
जेनो
होम्योपैथी से इलाज कराने वाले मरीजों का कहना है:
मैं
डॉ. बत्रा का खुशहाल ग्राहक हूं। जैसा कि आनुवंशिक परीक्षण की मेरी रिपोर्ट में थायरॉयड
और जिंक की कमी की प्रवृत्ति की भविष्यवाणी की गई थी, मुझे तुरंत उचित सलाह और आवश्यक दवाएं दी गईं। एक ग्राहक
को इसकी ही जरूरत होती है ... सेवा जिसका महत्व अपेक्षाओं से अधिक है।
कुणाल नरेंद्र जोशी, मुंबई
मैं
डॉ. बत्रा’ज से बालों के झड़ने का इलाज करा रहा हूं, मेरे डॉक्टर ने मुझे जेनो होम्योपैथी की सलाह दी
थी। मैं अपने सिर की त्वचा की स्थिति में सुधार देख सकता था और मेरे उपचार के तेज
नतीजे मिले। जेनो होमियोपैथी उपचार के मामले में वास्तव में बहुत सहायक थी।
विजय कोट्याल, बेंगलुरु
मैं
कुछ समय से बालों के झड़ने से पीड़ित थी, इसलिए मैं डॉ. बत्रा’ज के पास गई। मुझे अपना जेनो टेस्ट
करवाने की सलाह दी गई। परीक्षण के बाद, मुझे पता चला कि मुझमें विटामिन-डी की कमी है,
जो मेरे बालों के झड़ने का संभावित
कारण है। यह सबसे अच्छा निर्णय था, क्योंकि अब मेरे बालों का विकास बहुत अच्छा है।
पूनम, वडोदरा
3 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय एलोपेसिया दिवस के समर्थन
में,
एलोपेसिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने
के लिए, डॉ.
बत्रा’ज अगस्त के महीने को एलोपेसिया जागरूकता माह के रूप में मनाते हैं, जिसमें
उनके पास सभी के लिए एक विशेष ऑफर रहता है: किसी भी क्लिनिक में डॉक्टर से बालों की
समस्याओं के लिए मुफ्त कम्प्यूटरीकृत बाल परीक्षण करायें और मुफ्त परामर्श प्राप्त करें। स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराके 7,000 रुपये के मूल्य की बालों की मुफ्त जेनेटिक जांच
करायें। ऑफर केवल 31 अगस्त 2019 तक वैध है।
ऑफर
का लाभ उठाने के लिए, अपने निकटतम डॉ. बत्रा’ज क्लिनिक पर जाएं या आज ही 9167791677 पर कॉल करें।