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गुरुवार, 13 दिसंबर 2018

राजस्थान : सांभर झील पर सबसे लंबे वायु प्रदूषण जागरूकता रिबन बनाकर ग्लेनमार्क ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का किया प्रयास



वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में ग्लेनमार्क ने 6,500 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के वायु प्रदूषण विरोधी संदेशों के साथ 6 किलो मीटर लम्बा रिबन बनाया

जयपुर : रिसर्च आधारित दवा निर्माण करने वाली कंपनी, ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने कल राजस्थान के संभार झील के पास वायु प्रदूषण जागरूकता के लिए सबसे लम्बे रिबन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया। 6 किमी लम्बे रिबन को कपड़ों की सिलाई करके बनाया गया था जिसमें पूरे भारत के लगभग 6,500 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से प्राप्त वायु प्रदूषण विरोधी संदेश शामिल थे।

ग्लेनमार्क की इस पहल को डॉक्टरों द्वारा संचालित एक अभियान, आई-कैन (कफ अवेयरनेस नेटवर्क) ने अपना समर्थन दिया था। यह अभियान बढ़ते वायु प्रदूषण के बारे में और इसे कम करने के तरीकों पर जागरूकता पैदा करने के लिए काम करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमानों के अनुसार, विश्व के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 भारत में हैं। 2017 के नवंबर में, भारत की राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता अमेरिकी दूतावास वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार 1,000 पॉइंट तक पहुंच गई थी। डब्ल्यूएचओ पार्टिकुलेट मैटर 2.5 के 25 से ऊपर के स्तर को असुरक्षित मानता है। बर्कले अर्थ साइंस रिसर्च ग्रुप के अनुसार, पार्टिकुले मैटर मे 2.5 के साथ 950 से 1000 के बीच हवा में सांस लेना लगभग 44 सिगरेट पीने के बराबर माना जाता है।

ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स के सुजेश वासुदेवन, प्रेसिडेंट, इंडिया फॉर्मूलेशंस, मिडिल-ईस्ट और अफ्रीका ने कहा कि 'भारत में वायु प्रदूषण चिंता का प्रमुख विषय बन गया है। हमारे कई शहरों में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। एक जिम्मेदार संगठन के रूप में, ग्लेनमार्क निरंतर विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास के माध्यम से, हम वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाने और न केवल अपने लोगों के स्वास्थ्य की, बल्कि पर्यावरण की रक्षा करने की आवश्यकता पर भी जोर डालना चाहते हैं।'

तेजी से खराब होने वाली वायु गुणवत्ता गंभीर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बनती जा रही है, जिससे बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। वायु प्रदूषण से स्थायी खांसी, सांस की समस्याओं के साथ-साथ वयस्कों और बच्चों दोनों में, आंखों की जलन की दिक्कतें पैदा हो रही हैं। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट श्एयर पॉल्यूशन एंड चाइल्ड हेल्थ रू प्रेसक्राइबिंग क्लीन एयरश् बताती है कि 2016 में विषाक्त वायु के कारण भारत में 5 वर्ष से कम आयु के 1.25 लाख बच्चे मारे गए थे।

डॉ. पुनीत सक्सेना, सीनीयर प्रोफेसर, मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल ने बताया कि 'श्वसन रोग से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि के मुख्य कारणों में से एक वायु प्रदूषण है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से संक्रमण का जोखिम बढ़ता है और इससे एलर्जी पैदा करता है जो हमारे शरीर की रक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है और शरीर की रक्षा प्रणाली के कमजोर होने से खांसी, अस्थमा, छींक आना और ब्रोंकाइटिस जैसे सांस के रोगों का कारण बनती है। इस पहल के जरिये, हम स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना चाहते हैं और इसके असर को कम करने के उपायों को लागू करना चाहते हैं।'

ग्लेनमार्क मूल्यांकन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड चयनकर्ताध्काउंसिल के पास सफल प्रयास के सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य भेज रहा रहा है। बनाये गये रिबन के कपड़े से बैग बनाने के लिए ग्लेनमार्क एनजीओ के साथ भी भागीदारी करेगा और इन बैग्स को वायु प्रदूषण को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स में वितरित करेगा। 

शनिवार, 8 दिसंबर 2018

किसानों के लिए अच्छी खबर : बेहतर खेती, बेहतर उपज- कृषि आधारित स्टार्ट-अप ग्रामोफोन के फील्ड डे पे उमड़ी नयी तकनीक जानने के लिए किसानों की भीड़

बैंकपुरा, (मध्य प्रदेश) : इंदौर में कृषि आधारित स्टार्टअप ग्रामोफोन की स्थापना आईआईटी और आईआईएम स्नातक, तौसीफ खान, निशांत महात्रे, हर्षित गुप्ता और आशीष राजन सिंह ने की थी। ग्रामोफोन ने 2016 में अपना कार्य करना शुरू किया और वर्तमान में मध्य प्रदेश में लगभग 1.5 लाख किसानों की मदद कर रहा है। इस स्टार्टअप का लक्ष्य किसानों को खेती की सही तकनीक प्रदान करना है जो उन्हें उच्च पैदावार देने का कार्य करती हैद्य बढ़ती तकनीकी प्रगति के साथ, इंटरनेट हर समस्या का समाधान बन गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन के उपयोग में वृद्धि के साथ, किसानों को सही जानकारी प्रदान करना अब आसान हो गया है और बहुत सारे किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है की किसान क्वालिटी बीज, दवाइयां, फसल पोषड, कृषि उपकरण वो भी एक्सपर्ट सलाह के साथ घर बैठे खरीद सकते हैं। ग्रामोफोन कंपनी यह सब सुविधाएं अपनी एंड्राइड ऐप व् टोल फ्री नंबर द्वारा किसानों को उपलब्ध कराती है। आज, उन्हें खेती से संबंधित सहायता के लिए किसानों से 2 लाख से अधिक कॉल प्राप्त होते हैं और 80,000 से अधिक एप्लिकेशन इंस्टॉल हैं जहां लोग अपनी समस्याओं को साझा करते हैं।
08 दिसंबर, 2018 को, ग्रामोफोन ने अपना फील्ड डे आयोजित किया जहां वर्तमान कृषि प्रथाओं की तुलना ग्रामोफोन कृषि एक्सपर्ट द्वारा बनाई गयी पद्यति से जा रही है। ग्रामोफोन के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हर कदम पर निर्देशित किया और फसल चक्र में फसल की समीक्षा की और परिणाम काफी उत्साहजनक हैं। बैंकपुरा गांव (धामनोद) के एक किसान मयंक अग्रवाल ग्रामोफोन के बारे में कहते है की, 'मैं इस सीजन में ग्रामोफोन के विशेषज्ञों से मदद ले रहा हूं और अन्य क्षेत्रों की तुलना में, मेरी फसल स्वस्थ है और मुझे उम्मीद है कि इस बार 30-40 प्रतिशत ज्यादा उत्पादन होगा'।
ग्रामोफोन के विशेषज्ञों का विचार किसानों के मुनाफे को अधिकतम करना है और उन्हें ये समझाने में मदद करना है कि प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण खेती करने का एक नया तरीका क्यों है ? ग्रामोफोन आम तौर पर किसानों को उनके टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से सहायता प्रदान करता है, जहां लोग मिस्ड कॉल देकर उनसे संपर्क कर सकते हैं। स्टार्टअप में टोल फ्री नंबर और विशिष्ट उत्पाद भी हैं जो कि किसानों को आने वाली सभी कृषि-संबंधी समस्याओं और चुनौतियों का समाधान प्रदान करते हैं। कृषि एक्सपर्ट्स से जुड़ने के लिए अब केवल 18003157566 पे मिस कॉल देना ही काफी है

जाने ग्रामोफोन के बारे में :

ग्रामोफोन एक कृषि आधारित स्टार्टअप है जिसने 2016 में कार्य करना शुरू किया था। आईआईटी और आईआईएम स्नातक तौसीफ खान, निशांत महात्रे, हर्षित गुप्ता और आशीष राजन सिंह ने विभिन्न किसानों के जीवन में अपनी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। टीम का लक्ष्य आसान और अच्छी तरह से शोध की गई कृषि प्रथाओं को प्रदान करना है। 80,000 से अधिक इंस्टॉल के साथ ग्रामोफोन ऐप फसल से संबंधित जानकारी प्रदान करता है, जो केवल एक क्लिक के साथ समस्यायों (मंडी मूल्य, मौसम, कीट और रोग समाधान आदि) का समाधान करता है। इसमें एक विशेष सुविधा भी है जिसके माध्यम से किसान ऐप के अलावा, मिस्ड कॉल द्वारा टोल-फ्री नंबर (1800 315 7566) के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

सीट्रस होटल-इंदौर ने अपना 'पंचिन' रेस्टोरेंट लॉन्च किया

  • शहर की "पाक कला" को मिला नया रंग

इंदौर : सीट्रस होटल इंदौर, अपने पंचिन रेस्टोटरेंट के लॉन्च के साथ इंदौरियों को पाक कला के शानदार अनुभव देने के लिए तैयार है। रेस्टोरेंट में विशेष तौर पर आॅथेन्टिक 'पंजाबी' व्यंजन और 'देसी चीनी' व्यंजन उपलब्ध रहेगा। कोल्हापुर में अपनी शानदार सफलता के बाद, इंदौर में लॉन्च किया गया। आउटलेट भारतीयों के पसंदीदा विविध स्वादों को एक साथ प्रस्तुत करेगा, और पाक कला को लेकर एक अद्वितीय उल्लास और उत्साह का माहौल प्रदान करेगा। सीट्रस होटल में स्थित, यह रेस्टोरेंट ऑरेंज टाइगर हॉस्पिटैलिटी द्वारा संचालित और प्रबंधित किया जाएगा। सीट्रस होटल का प्रबंधन भी ऑरेंज टाइगर हॉस्पिटैलिटी करता है।
अपने खानपान की चीजों पर गर्व करने वाला इंदौर, शहर के हर कोनों से आने वाले भोजन प्रेमियों को विभिन्न स्वाद उपलब्ध कराने वाले शहर के रूप में प्रसिद्ध है। शहर की खाद्य संस्कृति के प्रति ईमानदार दर्शाते हुए, पंचिन के मेनू में असरदार रूप से आॅथेन्टिक पंजाब के 'तड़के' के साथ देसी चीनी की 'जिग' उपस्थित है। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों विकल्पों के साथ, मेनू में सरसों दा साग, अमृतसरी वडिया, कीमा कालेजी, दाल पुदीना शोरबा, ट्राई पेपर फिश, चिकेन इन ब्लैक बीन सॉस, लेमन कोरिएंडर चिकन और अन्य भोजन शामिल हैं। शेफ रेकमेंडेड सिग्नेपचर्स में पंचिन कबाब प्लैटर, टंगडी वाजिद अली, मोग्गेम दा कुक्कड़, मुर्ग कुर्चन, नूडल मखानी और तंदूरी मोमो चिकन शामिल हैं।
पंचिन ने स्टार्टर के अंतर्गत सूप, और ब्रेड में फ्यूजन विकल्पों की एक विस्तृत रेंज पेश करेगा। रेस्टोरेंट में डेजर्ट की मनभावन रेंज यह सुनिश्चित करेगी कि मेहमान अपने भोजन को मधुर स्वा्द के साथ समाप्त करें। पंचिन में उपलब्ध अनूठे पकवानों में फ्राइड आइसक्रीम, मूंग दाल हलवा, और फिरनी भी शामिल है।
रेस्टोरेंट की अद्वितीय अवधारणा को ध्यान में रखते हुए, भोजन 'बर्तनों' में परोसा जाता है जिससे उत्कृष्ट भारतीय अहसास मिलता है। ग्राहक अपने भोजन का स्वाद भव्य कांच की थाली में, और अपने ड्रिंक्स का आनंद पुरानी वेवरेज बॉटल्स में ले सकते हैं, जिन पर ब्रांड की पंच लाइन्स पेंट की गई हैं। इनमें से सभी निश्चित ही उन्हें पुरानी यादों में ले जायेंगे।
समकालीन सेट-अप, जो कि अलग किस्म के विशेष फर्नीचर और रस्टिक रोशनी से सुसज्जित है, विश्राम और शांति का अद्वितीय वातावरण बनाता है, जहां कोई अपने स्वाद और जीवंत वातावरण का आनंद ले सकता है। यहां तक कि, को स्टार्स और टेबल मैट्स आदि के आर्ट पर बनाये गये चीनी और पंजाबी कैरेक्टर्स टेबल सेटिंग और इस्तेेमाल किये गये एक्सेंट्स भी रेस्टोरेंट की थीम की याद दिलाते हैं। ब्रांड की शैली के अनुसार, रस्टिक इंटों से बनी रेस्टोरेंटकी वाल पर देसी ह्यूमर और कोट्स प्रदर्शित किये गये हैं।
लॉन्च के बारे में, ऑरेंज टाइगर हॉस्पिटैलिटी के प्रेसिडेंट-सेल्स श्री शलीन माथुर ने कहा कि ‘‘अब तक हमारी सफलता का कारण उत्कृष्टता और सत्कागर को लेकर हमारी प्रतिबद्धता रही है। इस नए आउटलेट के साथ, हम एक बार फिर से अपने ग्राहकों को एक अनुभव प्रदान करने का प्रयास करते हैं जिसे वे पसंद करेंगे और फिर वापस आना चाहेंगे।’’
सीट्रस होटल इंदौर के रेजिडेंट मैनेजर नवेद मुर्तजा ने कहा कि 'ग्राहकों को अद्वितीय और यादगार पैलेट उपलब्ध कराने की अपनी क्षमता पर गर्व करते हुए, हम उम्मीद करते हैं कि हमारे अन्य आउटलेट की तरह यह आउटलेट भी सफलता हासिल करेगा और इंदौर में पाक कला का आनंददायक अनुभव प्राप्त करने का नया डेस्टिनेशन बनेगा।'

ऑरेंज टाइगर हॉस्पिटैलिटी

ऑरेंज टाइगर हॉस्पिटैलिटी (ओटीएचपीएल) हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के ताजगी से भरे प्रोफेशनल्स के लिए अद्वितीय स्थान है। 100 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, ओटीएचपीएल टीम अपना ध्यान परिचालन क्षमता, संतुलित बिक्री योगदान और बढ़ते मुनाफे पर केंद्रित करती है। ओटीएचपी होटल और समृद्ध क्लबों के प्रबंधन में माहिर है। विभिन्न ब्रांडों के अंतर्गत 10 से अधिक निर्धारित परियोजनाओं के साथ, ऑरेंज टाइगर लगातार प्रगति कर रहे भारतीय हॉस्प्टिैलिटी मार्केट में अपनी जगह बनाने को लेकर सुनिश्चित है।

जयपुर में बॉडीपावर की भारी सफलता

  • टेलीविजन अभिनेता निर्भय वाधवा, प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर केविन लेव्रोन और अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे

जयपुर : एशिया का सबसे बड़ा फिटनेस हब, बॉडी पावर इंडिया ने जयपुर में 6 दिसंबर 2018 अपनी पहली फिटनेस इवेंट मिस्टर बॉडीपावर बॉडी बिल्डिंग शो का आयोजन किया, जिसमें हजारों उत्साही फिटनेसप्रेमियों ने भागीदारी की।
इस कार्यक्रम में कुछ जाने-माने बिग प्रोफाइल एथलीट, जैसे प्रसिद्ध फिटनेस माॅडल डॅन वाइन्स, बॉडी बिल्डर पुनीत संधू और टेलीविजन अभिनेता निर्भय वाधवा अभूतपूर्व रूप से प्रशंसकों से मिले। इवेन्ट के निर्णायक इस क्षेत्र के विशेषज्ञ थे जिनका चयन उनकी जानकारी और प्रतिभागी के कॅरियर को आगे बढ़ाने की उनकी क्षमता के आधार पर किया गया था।
जयपुर में बॉडीपावर की भारी सफलता पर, ये इवेन्ट्स 8 दिसंबर को राजधानी में आयोजित की जाएगी, फिर अहमदाबाद में 9 दिसंबर को, कोलकाता में 11 दिसंबर को, पुणे में 13 दिसंबर को, मुंबई में 14 दिसंबर को, हैदराबाद में 15 दिसंबर को, बेंगलुरु में 16 दिसंबर को और चेन्नई में 17 दिसंबर, 2018 आयोजित की जायेंगी।
इस अवसर पर, बॉडीपावर के सीईओ निक ओर्टन ने कहा कि 'जब मैंने बॉलीवुड सुपरस्टार को प्रशिक्षण देने के साथ भारत में बॉडीपावर को शुरू किया था, तब से हमेशा मेरा इरादा फिट और स्वस्थ रहने के महत्व के बारे में अपने प्रेरणादायक संदेश को हर व्यक्ति तक ले जाना था। देश में छह वर्षों तक काम करने के बाद, मैंने फिटनेस
को लेकर लोगों के दृष्टिकोण में व्यापक परिवर्तन देखा है। अब यह संदेश इस महान देश के हर कोने में पहुंच गया है, और मुझे लगता है कि बॉडीपावर ने लोगों, विशेष रूप से युवाओं के बीच, बेहद उत्साह पैदा करने वाले हमारे एक्सपो और इवेन्ट्स के माध्यम से इस परिवर्तन को लाने में उत्प्रेरक का काम किया है। इस वर्ष के बॉडीपावर टूर उत्साह, चुनौतियों और शीर्ष गुणवत्ता वाली प्रतियोगिताओं से भरा है! इवेन्ट में आने वाले लोग अपनी आंखों के सामने विश्व स्तरीय एथलीटों का प्रदर्शन देखेंगेय उन्हें कई फिटनेस सुपरस्टारों से मिलने और बात करने का मौका मिलेगा और मुझे अतिथि एमसी होने के कारण, प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर प्राप्त होगा और साथ में कुछ मनोरंजन मिलेगा।'

बॉडीपावर इंडिया के बारे में

बॉडीपावर इंडिया एशिया का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स, फिटनेस,वेलनेस और पोषण प्रदर्शनी है, जो 2019 में 11-13 जनवरी के दौरान भारत में अपनी 6वीं वर्षगांठ मनायेगा। इस अवसर पर 50,000 से अधिक लोगों को आकर्षित करने की तैयारी है।
पूरे एशिया से हजारों फिटनेसप्रेमियों, प्रमुख खरीदारों, वितरकों और निर्माताओं को आकर्षित करने वाला बॉडीपावर इंडिया एशिया का फिटनेस हब है!

गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

महिंद्रा बाहा एसएई इंडिया 2019 ने अपना 12वां संस्करण शुरू किया 363 प्रविष्टियों में से 251 कॉलेज फाइनल इवेन्ट में पहुंचे

इंदौर : महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की एक प्रोफेशनल सोसाइटी, एसएईइंडिया, के सहयोग से बहुप्रतीक्षित बाहा श्रृंखला के 12वें संस्करण शुरू करने की घोषणा की। फाइनल इवेन्ट 24 जनवरी से 27 जनवरी, 2019 तक इंदौर के पास पीथमपुर में नैट्रिप (एनएटीआरआईपी) में आयोजित किया जाएगा, और इसके बाद का कार्यक्रम चंडीगढ़ के पास आईआईटी रोपड़ में 8 से 10 मार्च 2019 तक आयोजित होगा।
बाहा एसएई इंडिया 2019 के लिए 363 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें से 201 टीम परंपरागत एम-बाहा के लिए, और 50 टीमों को वर्चुअल राउंड से ई-बाहा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
बाहा एसएई इंडिया छात्रों को 4 दिनों के कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर देता है, जिसमें छात्रों को एक सिंगल सीटर चार व्हील वाले ऑल-टेरेन वाहन (एटीवी) को डिजाइन करने, निर्माण करने, परीक्षण करने और सत्यापन करने का कॉन्सेप्ट विकसित करने का कार्य दिया जाता है। इस कार्यक्रम में तकनीकी निरीक्षण, डिजाइन, लागत और बिक्री प्रस्तुति जैसे स्टेटिक मूल्यांकन, और एक्सेलेरेशन, स्लेज पुल, मैन्यूवरबिलिटी जैसे डायनामिक इवेन्ट्स शामिल होंगे। सस्पेंशन और ट्रैक्शन के बाद 4 घंटे का एंड्यूरेंस इवेन्ट होगा।
बाहा एसएई इंडिया की उल्लेखनीय विशेषता है कि इसके लिए हर वर्ष नई थीम को अपनाया जाता है। इस वर्ष बाहा 2019 की थीम ‘‘एडवेंचर रीलोडेड’’ है, जो उभरते इंजीनियरों के जुनून, कड़ी मेहनत और दृढ़ता, और चुनौतियों को स्वीकार करने के उत्साह और अधिकतम प्रयास करने की क्षमता जश्न मनाता है।
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत का लाभ लेने के लक्ष्य के साथ बाहा एसएई इंडिया ने 2015 में ई-बाहा सीरिज शुरू की थी। जहां पारंपरिक बाहा वाहन, 10 एचपी ब्रिग्स और स्ट्रैटन गैसोलीन इंजन पर चलते हैं, जो सभी 201 एमबाहा टीमों के लिए आम बात है, तो वहीं ई-बाहा वाहन इलेक्ट्रिक मोटर पर 6 किलोवाट की अधिकतम विद्युत शक्ति के साथ चलेंगे और रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक द्वारा संचालित होंगे। यहां, छात्र मोटर, कंट्रोलर और बैटरी को लेकर अपना बैटरी मैनेजमेंट सिस्टिम बनाने और डिजाइन करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस वर्ष हमने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता पर विचार करते हुए, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग क्षेत्र से अधिक छात्रों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।

बाहा 2019 के लिए, मध्य प्रदेश के 10 कॉलेजों ने पीथमपुर में फाइनल इवेंट के लिए क्वालिफाई किया है

इंदौर के पीथमपुर में आयोजित बाहा 2018 कार्यक्रम के पहले भाग में, ई-बाहा के लिए प्रतिष्ठित सम्मान श्रीमती काशीबाई नवले कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे को मिला। ई-बाहा के लिए डीवाई पाटिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे को एम-बाहा के लिए संयुक्त विजेता घोषित किया गया। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोयंबटूर को बाहा 2018 के दूसरे भाग में विजेता घोषित किया गया था, जो 8 मार्च से 11 मार्च 2018 तक पंजाब के आईआईटी रोपड़ में आयोजित किया गया था।
बाहा के फाइनल इवेन्ट के लिए, देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से आईं प्रविष्टियां जुलाई 2018 में पंजाब के चितकारा विश्वविद्यालय में आयोजित वर्चुअल राउंड में प्रदर्शित की गईं, जहां उन्होंने बाहा बग्गी वाहन के लिए बनाये गये अपने डिजाइन प्रस्तुत किये, जिनको कॉलेजों ने फाइनल इवेन्ट में पेश करने के लिये तैयार किया था। क्वालिफाइंग टीमों को उनकी सीएडी डिजाइन, सीएई विश्लेषण और रोल केज, सस्पेंशन, स्टीयरिंग और ब्रेक के डिजाइनों के साथ-साथ उनकी नियम पुस्तिका टप्ट। के सत्रों और उनको तत्काल दिये गये विषयों पर मूल्यांकन के माध्यम से चयन किया गया था। वर्चुअल बाहा में प्रस्तुत प्रविष्टियां मॉक-अप थीं जो प्रतिभागियों द्वारा सटीक विशेषताओं के साथ बनाई गई थीं। अंतिम दौर में टीमों ने अपनी स्वयं की बग्गी रेस कार बना कर ऑटोमोबाइल से सम्बंधित अपने कौशल, समझ और जुनून का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, एसएई इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. बाला भारद्वाज ने कहा कि ‘‘एसएई इंडिया में, हम 2007 में इसकी स्थापना के बाद से बाहा एसएई के उद्देश्यों का प्राप्त करने में सफल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, हमने सफलतापूर्वक इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के बारे में उत्साह पैदा किया है। वास्तव में, एक संगठन के रूप में हम ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के लिए जुनून पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए बाहा इंडिया से बेहतर प्लेटफॉर्म क्या हो सकता है।’’
गेब्रियल इंडिया लिमिटेड के सीनियर वीपी और सीओओ (सीवीआरबीयू), और बाहा एसएई इंडिया 2019, पीथमपुर के संयोजक श्री उमेश शाह ने कहा कि ‘‘पिछले 11 संस्करणों से बाहा इंडिया उद्योग और अकादमिक संस्थानों को एक साथ लाकर ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के भविष्य के लिए एक अद्वितीय अवसर प्रदान कर रहा है। इवेंट स्ट्रक्चर व्यवहारिक अनुभव प्रदान करता है, जो छात्रों को टीम वर्क और प्रतिस्पर्धात्मकता जैसे महत्व्पूर्ण और व्यावसायिक सफलता कौशल सीखने में मदद करता है। यह संभावित नियोक्ताओं को अपनी कंपनियों के लिए सर्वोत्तम मानव संसाधन हासिल करने का एक आदर्श प्लेटफॉर्म है।’’

बुधवार, 5 दिसंबर 2018

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने उज्जैन में अपने ब्रांच का शुभारंभ किया

उज्जैन : आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी ने उज्जैन में अपनी ब्रांच का शुभारंभ किया। निवेशक और वितरक अब वार्ड नं 38, प्लॉट संख्या - 90, जैन मंदिर के सामने, फ्री गंज, उज्जैन - 456001 (मध्य प्रदेश) में एएमसी तक पहुंच सकते हैं।

ब्रांच का उद्घाटन वैभव देवपांडे, क्षेत्रीय प्रमुख दृरिटेल सेल्सु और डिस्ट्रिब्युशन - मध्य प्रदेश ने किया। इस अवसर पर अनूप श्रीवास्तव आईएफए, हिमांशु शर्मा आईएफए, आशीष धारीवाल आईएफए के साथ नितिन जैन रिलेशनशिप मैनेजर - उज्जैन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी सहित अन्य प्रमुख आईएफए उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वैभव देशपांडे, क्षेत्रीय प्रमुख - रिटेल सेल्सि और डिस्ट्रिब्युशन- मध्य प्रदेश, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, ने कहा कि ष्हमें खुशी है कि हम उज्जैन में अपनी ब्रांच का उद्घाटन कर रहे हैं। एएमसी के रूप में हम अपने ग्राहकों के लिए सरल और सुलभ वित्तीय समाधान उपलब्धन कराना चाहते हैं। इसके अलावा, हम आश्वस्त हैं कि हमारी उपस्थिति से हमें इस बाजार की क्षमता का लाभ लेने और मध्य प्रदेश में अपनी उपस्थिति को विस्तार देने में सहायता मिलेगी।

बेरोसिल पेश करते हैं आकर्षक और हाइजीनिक कोरपोरेट लंच बाॅक्स

मुंबई : भारत के अग्रणी कन्ज़्यूमर प्रोडक्ट ब्राण्ड बोरोसिल ग्लास वक्र्स लिमिटेड ने स्मार्टबैग से युक्त कोरपोरेट लंच बाॅक्स लाॅन्च किए हैं जो न केवल ले जाने में आसान हैं बल्कि घर से आॅफिस और आॅफिस से घर तक आपके भोजन एवं पेय पदार्थों को पूरी तरह से सुरक्षित एवं ताज़ा बनाए रखते हैं।सभी भारतीय परिवारों के लोग घर का बना लंच ही अपने साथ आॅफिस ले जाना पसंद करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बोरोसिल लेकर आए हैं ‘बोरोसिल टूगो’ सीरीज़ जिसे पारम्परिक ‘डब्बे’ को नया मेकओवर दिया है और साथ ही यह आपके लंच के लिए बेहतरीन स्टोरेज समाधान है।

बोरोसिल के लंच बाॅक्स 2 कैटेगरीज़ में आते हैं : माइक्रोवेवेबल लंच बाॅक्स और हाॅट-एन-फ्रैश लंच बाॅक्स

100 फीसदी बोरोसिलिकेट कांच से बने माइक्रोवेव ग्लास लंच बाॅक्स सुनिश्चित करते हैं कि जब आप प्यार से पैक किया गया लंच खोलें, इसका स्वाद, खुशबु ताज़े भोजन की तरह बरक़रार रहे, जैसे आपने इसे सुबह पैक किया था। ये लंच बाॅक्स साफ करने में बहुत आसान हैं, इन पर दाग-धब्बे नहीं लगते, साथ ही ये आपकी सेहत के लिए भी अच्छे हैं क्योंकि बोरोसिलिकेट कांच आपके भोजन में कोई रसायन नहीं छोड़ता।  ऐसे में घर का बना भोजन आॅफिस ले जाने के लिए और कोई बेहतर विकल्प नहीं हो सकता। कांच के ये कन्टेनर फ्रीज़र और माइक्रोवेव प्रूफ हैं। इसके एयरटाईट कंटेनर में काटकर रखे गए सलाद और फल भी ताज़ा रहते हैं। ये लंच बाॅक्स छोटे पार्टीशन्डबाॅक्स से लेकरचार के युनिवर्सल सेट तक 10 वेरिएशन्स में उपलब्ध हैं।

भोजन को ताज़ा, स्वादिष्ट और सेहतमंद बनाए रखने वाले हाॅट-एन-फ्रैश स्टेनलैस स्टील लंच बाॅक्स इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि ये भारतीय व्यंजनों के लिए अनुकूल हैं।इसके लीक प्रूफ कंटेनर में आप दाल और करी भी आसानी से ले जा सकते हैं। इसकी डबल वाॅल वैक्यूम इन्सुलेटेड स्टेनलैस स्टील बाॅडी खाने को 8 घण्टे तक गर्म और ताज़ा बनाए रखती हैं। ये लंच बाॅक्स हैण्डी फोल्डेबल स्पून/चम्मच के साथ आते हैं।

लंच बाॅक्स रेंज की कीमत रु 735 से रु 1190 के बीच है और यह देशभर केे सभी प्रमुख होम वेयर स्टोर्स तथा एमज़ाॅन एवं फ्लिपकार्ट पर आॅनलाईन भी उपलब्ध हैं।



मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

बाल विवाह को बालिका वधू की ‘किक‘

राजस्थान : सदियों पुराने बाल विवाह का अत्याचार देश के तकरीबन हर हिस्से में कभी रिवाज, कभी परम्परा तो कभी मजबूरी के नाम पर आज भी जारी है. ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ‘ के बड़े-बड़े दावे तो 21वीं सदी के आधुनिक भारत में किए जा रहे हैं लेकिन सच ये है कि बेटियों को बचाना कानून के लिए भी बड़ी चुनौती है. बाल विवाह को लेकर सरकार भले ही सख्त हो लेकिन आज भी यह कुप्रथा चोरी छिपे बदस्तूर जारी है.

अक्टूबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गईएक रिपोर्ट में दावा किया गया कि बाल विवाह का शिकार हुई सबसे ज्यादा लड़कियां पश्चिम बंगाल में हैं. इसके तहत पश्चिम बंगाल के शहरी इलाकों में 40.7 और ग्रामीण इलाकों में 47 प्रतिशत बाल विवाह होते हैं. दूसरे नंबर पर बिहार रहा जहां बाल विवाह के 39 प्रतिशत मामले समाने आए.

तीसरे नंबर पर झारखंड में बाल विवाह के 38 प्रतिशत मामले सामने आए. चैथे नंबर पर राजस्थान रहा जहां बाल विवाह के 35.4 प्रतिशत मामले सामने आए. पांचवे पर महाराष्ट्र रहा जहां 25 प्रतिशत मामले सामने आए.
लेकिन अब राजस्थान में इस कुप्रथा के खिलाफ बेटियों ने ही झंड़ा बुलंद कर दिया है. न्यूज़18 इंडिया की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के अजमेर में बचपन में ही शादी की बेड़ियों में जकड़ दी गई लड़कियों ने अपनी आजादी के लिए खेल को सहारा बनाया है.

धार्मिक मान्यताओं के लिए माने जाने वाले अजमेर में दशकों से जारी कुप्रथा पर आज तक लगाम नहीं लग पाई है. यहां आज भी बड़े पैमाने पर बाल विवाह को अंजाम दिया जाता है. आज भी यहां दो साल से 6 साल की उम्र के बच्चों की शादी कर दी जाती है. न तो कानून का खौफ है और न ही किसी की परवाह.

हैरानी इस बात की भी है कि अगर कोई परिवार इस कुप्रथा का हिस्सा न बनना चाहे, तो समाज की बंदिशें बच्चियों को बर्बादी की बेड़ियों में जकड़ने को मजबूर कर देती हैं. अपनी आजादी के लिए लड़ रही ये लड़कियां रोजाना पहले स्कूल जाती हैं फिर मैदान में फुटबॉल की प्रैक्टिस करती हैं. सगाई और शादी के बन्धन में बंधी इन लड़कियों ने हिम्मत दिखाई और आत्मविश्वास के दम पर ससुराल जाने के इनकार कर दिया.

अजमेर से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर हशियावास गांव में बाल विवाह के खिलाफ कई बच्चियां एक जुट हो गई हैं. कम उम्र में इन बच्चियों की शादी कर दी गई थी, उस वक्त न तो ये शादी का मतलब जानती थीं और न ही आज भी इन्हें इसकी कुछ समझ है, लेकिन अपनी आजादी और सपनों के मायने ये बच्चियों खेल और किताब के जरिए समझ गई हैं. इन लड़कियों में किसी की सगाई हो गई तो किसी की शादी. ये बच्चियां भी पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती हैं.

इन लड़कियों ने अब एक फुटबॉल ग्रुप बनाया है. इसमें कई ऐसी बच्चियां हैं जो अपनी बड़ी बहनों की शादी के समय ही बाल विवाह का शिकार हो गई थीं लेकिन अब उन्होंने कसम खाई है कि वो गांव में दूसरी बच्चियों की जिंदगी बर्बाद नहीं होने देगीं. पिछले दो सालों से फुटबॉल खेलती ये बच्चियां आज इतने आत्मविश्वास से भर चुकी है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ खुलकर परिवार वालों के सामने आवाज उठाती हैं.

इन बच्चियों का भी सपना है कि वो फुटबॉल में मेसी और रोनाल्डो जैसी खिलाड़ी बनें. बच्चियों ने शपथ ली है कि वे गांव में होने वाले बाल विवाह में शामिल नहीं होंगी. बच्चियों को ट्रेनिंग दे रही ट्रेनर आरती शर्मा ने बताया कि जब वो पहुंची तो बच्चियों की हालत बेहद खराब थी. उन्होंने कहा कि बच्चियों को यहां तक लाने में काफी मुश्किलें आईं.

इन बच्चियों में ये आत्मविश्वास महिला जन कल्याण समिति नाम के एक एनजीओ की कोशिश से आया है. इस एनजीओ ने इन बच्चियों को दो साल की मेहनत से खड़ा किया है. एनजीओ में काम करने वाली महिला करुणा फिलिप बताती हैं कि खुद में आत्मविश्वास और हिम्मत लाने में खेल से अच्छा माध्यम कोई नहीं था लेकिन लड़कियों को फुटबॉल खिलाना इतना आसान नहीं था. दो साल पहले शुरु किए गए इस सफर में अब 150 से ज्यादा बच्चियां इस फुटबॉल कल्ब का हिस्सा हैं.

भारत में नव्यकरणी उर्जा को बढ़ावा देगा स्वीडन

  • स्वीडन ने भारतीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए
  • स्वीडिश सरकार ने स्वीडन की आधुनिक उर्जा तकनीकों को भारत लाने के लिए खोला अपनी तरह का पहला शोरूम- ‘सस्टेनेबिलिटी बाय स्वीडन- शोरूम इण्डिया’
स्वीडन इण्डिया ने भारत में उर्जा दक्षता बढ़ाने तथा तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नव्यकरणी उर्जा क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। पहला एमओयू स्वीडिश सोलर पम्प निर्मित स्पोवड़ी एवं बैंगलोर आधारित ईएमवीईई के बीच बैंगलोर में स्थानीय मैनुफैक्चरिंग/असेम्बली युनिट की स्थापना के लिए किया गया है। दूसरा एमओयू स्वीडिश अर्थ फाॅल्ट प्रोटेक्शन सिस्टम प्रदाता स्वीडिश न्यूट्रल एवं भारत की प्रमुख वितरण कंपनी टाटा पावर डीडीएल के बीच दिल्ली में अर्थ फाॅल्ट प्रोटेक्शन की स्थापना के लिए किया गया है।

स्वीडन इण्डिया नोबेल मैमोरियल प्रोग्राम के तहत स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी बिज़नेस स्वीडन एवं स्वीडन दूतावास द्वारा शुरू किए गए अपनी तरह के पहले ‘सस्टेनेबिलिटी बाय स्वीडन- शोरूम इण्डिया’ के मद्देनज़र ये समझौता ज्ञापन किए गए हैं। शोरूम का उद्घाटन बिज़नेस स्वीडन, नई दिल्ली में किया गया। उद्घाटन करने वाले दिग्गजों में शामिल थे श्री ए के वर्मा, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय, मिसजो साकारे, काउंसलर एवं हैड-इकोनोमिक अफेयर्स, स्वीडन दूतावास तथा मिस जोसेफाईन बहरल जुंगडेल-डायरेक्टर आॅफ इंटरनेशनल अफेयर्स, स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी।

भारत और स्वीडन के बीच आपसी सहयोग का लंबा इतिहास है, जिसके तहत उर्जा, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी तथा स्थायी शहरी नियोजन में कई समझौता ज्ञापन किए गए हैं। इस सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए द्विपक्षीय प्रोग्राम-इण्डिया स्वीडन इनोवेशन्स एक्सेलरेटर की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए शोरूम की स्थापना की गई है। शोरूम स्वीडन की 20 से अधिक आधुनिक तकनीकों को प्रस्तुत करेगा, जिन्हें समर्पित आईएसआईए प्रोग्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रोग्राम भारत और स्वीडन के बीच आधुनिक उर्जा तकनीकों पर अनुसंधान, इनोवेशन्स एवं कारोबारी सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।

श्री अरुण कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, ‘‘भारत तेज़ी से विकसित होता देश है और विश्वस्तरीय उर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है। देश में नव्यकरणी एवं स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। हम भारत और स्वीडन के बीच के संबंधों को और मजबूत बनाना चाहते हैं और यह प्रोग्राम इसी दिशा में नई तकनी कों एव ंइनोवेशनस को प्रोत्साहित करेगा। मैं स्वीडन की इस पहल को सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंध नई विशेषज्ञताओं को बढ़ावा देंगे।’’

श्री लुडविगलिंड स्ट्रोम, कंट्रीहैड इण्डिया, स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी ने कहा, ‘‘भारत और स्वीडन दोनों स्थायी एवं हरित उर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इनोवेशन्स को प्रोत्साहित करते हैं। इण्डिया-स्वीडन इनोवेशन्स एक्सेलरेटर प्रोग्राम भारत एवं स्वीडन की सरकार के बीच आपसी सहयोग का परिणाम है जो नवीन एवं नव्यकरणी उर्जा तकनीक को प्रोत्साहित करता है। स्वीडन सबसे स्थायी देशों में से एक है जिसका नव्यकरणी उर्जा में बड़ा योगदान है, 2045 तक यह पूरी तरह का र्बन उदासी न होगा। भारत में स्थायित्व, संयुक्त इनोवेशन्स, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए हमने यह शोरूम खोला है।

शोरूम की पहली प्रदर्शनी का विषय था।“ Sustainability is Everybody’s Business** इस में बताया गया कि कैसे आईएसआईए प्रोग्राम के माध्यम ये पेश की गई विभिन्न स्वीडिश तकनीकें भारतीय संदर्भ में कारगर हो सकती हैं। इसके अलावा स्वीडिश तकनीकों (टैक, पार, गुणवत्ता और उर्जा की बचत) पर आधारित विभिन्न प्रणालियों को भी शोरूम में डिस्प्ले किया गया।

सोमवार, 3 दिसंबर 2018

पूरी दुनिया में मशहूर कवि एवं गीतकार, गुलजार साब और भारत के गजल आइकन, पंकज उधास पहली बार एक अद्वितीय एल्बम नायाब लम्हे - टाइमलेस मोमेंट्स में एक साथ नजर आए

मुम्बई : हाल ही में सोफिटेल होटल, बीकेसी, मुंबई में आयोजित एक विशेष समारोह में पहली बार पूरी दुनिया में मशहूर कवि एवं गीतकार, गुलजार साब और भारत के गजल आइकन, पंकज उधास एक अद्वितीय एल्बम नायाब लम्हे - टाइमलेस मोमेंट्स के लॉन्च के लिए एक साथ नजर आए।

दोनों ही मशहूर हस्तियों के प्रशंसक दुनिया भर में मौजूद हैं और दोनों को अपने-अपने क्षेत्र में महारत हासिल है। इस मौके पर गुलजार साब नायाब लम्हे में समाहित अपनी कविताओं को प्रस्तुत करेंगे, और फिर पंकज उधास जी इस एल्बम के लिए गुलजार साब द्वारा लिखे गए 6 गजलों को अपनी मधुर आवाज में गाकर सुनाएंगे।
इस एल्बम में छह गजल और नज्म हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं- बारिश, ना जाने कहाँ, रात वो रुकी नहीं, वो दिन गए, देखो अहिस्ता चलो और जलन गर। इस एल्बम के लिए पंकज उधास जी ने संगीत तैयार किया है, जिसे दीपक पंडित ने व्यवस्थित किया है, जिन्होंने एल्बम के लिए वायलिन भी बजाया है। म्यूजिक प्रोग्रामिंग और गिटार सोलो का प्रदर्शन संजय जयपुरवाले द्वारा किया गया है।

इस एल्बम को वेल्वेट वॉयसेस प्राइवेट लिमिटेड ने प्रोड्यूस किया है और इसकी रिकॉर्डिंग स्टूडियो 17, मुंबई में आशीष चैबे द्वारा की गई है। पंडित सुनील दास (सितार), राकेश चैरासिया (बांसुरी), आईडी राव (सैक्सोफोन, क्लेरनेट, सोप्रानो और अंग्रेजी बांसुरी), तापस रॉय (चरैंगो, साज और रबाब), हीरा पंडित और ओजास अधिया (तबला), निर्मल पवार (पर्क्यूशन) ने भी इस एल्बम में अपनी कला का जादू बिखेरा है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में बेहद मशहूर संगीतज्ञ हैं। देखो अहिस्ता चलो में आलाप प्रतिभा सिंह बघेल ने गाया है। मुंबई के हेडरूम स्टूडियो में अफताब खान की रहनुमाई में असलम खान ने मिक्सिंग की है। बेनविन फर्नांडीस ने इस एल्बम के लिए मिक्सिंग असिस्टेंट के तौर पर काम किया है।

हंगामा डिजिटल मीडिया, इस एल्बम के लिए डिजिटल पार्टनर हैं। हंगामा डिजिटल मीडिया के प्रबंध निदेशक व सीईओ, श्री नीरज रॉय ने कहा, ‘नायाब लम्हे को लॉन्च करना हंगामा म्यूजिक के लिए बेहद सम्मान की बात है। देश के एक बड़े म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर, उपयोगकर्ताओं को गीत-संगीत का बेमिसाल खजाना उपलब्ध कराना ही हमारा उद्देश्य है, जो उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करने में सक्षम हो। हमें पूरा विश्वास है कि, पंकज जी और गुलजार साब के गीत-संगीत के जादू से सभी लोग मंत्रमुग्ध हो जाएंगे और इसे पूरी दुनिया में प्रशंसा मिलेगी।'

इस मौके पर, श्री जिग्नेश मेहता, एमडी, डिवाइन सॉलिटेयर्स, ने कहा, 'डिवाइन सॉलिटेयर्स अपने ग्राहकों को उत्तम गुणवत्ता वाले नायाब आभूषण उपलब्ध कराने के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। ऐसे में म्यूजिक इंडस्ट्री के दो नायाब हीरों - पंकज उधास और गुलजार साब के एक साथ प्रदर्शन के इस मौके के लिए डिवाइन सॉलिटेयर्स से सहयोग करना बेहद स्वाभाविक है। इनमें से एक अपनी कलम से जादुई शब्दों की रचना करते हैं तो दूसरा उन शब्दों को अपनी आवाज से जीवंत करते हैं, और सही मायने में दोनों हीरों की तरह शानदार हैं। हमें इस बात की खुशी है कि हम इस जुगलबंदी का हिस्सा बन पाए हैं, साथ ही हम उम्मीद करते हैं कि लोग भी हमारी तरह ही इस जुगलबंदी का भरपूर आनंद लेंगे।'

गुलजार साब के गीतों के लेखन की शैली संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिसमें इंसानों की भावनाओं को मनोवैज्ञानिक तरीके से गीत की शक्ल दी जाती है। उनके गीतों में जीवन और आसपास के माहौल का बेहतर अवलोकन नजर आता है। वह अपनी कला या गीतों की रचना से कोई समझौता नहीं करते हैं और उनकी कविताओं में इस दुनिया की एवं रोजमर्रा के जीवन की अलग-अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। वह हमारे देश के पहले और इकलौते ऑस्कर विजेता कवि है। भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार सहित गुलजार साब को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार एवं कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार शामिल हैं।

गजल के क्षेत्र में विशेषज्ञ, पंकज उधास को संगीत की इस शैली में विविधता लाने तथा का श्रेय दिया जाता है और उन्हें गजल गायन का स्तंभ माना जाता है। उनकी लोकप्रियता समाज के हर वर्ग के बीच फैली हुई है। पंकज उधास को गजल को उस दौर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है, जब जनता के बीच इसकी लोकप्रियता घट रही थी। आज, हाई-स्पीड पॉप म्यूजिक के शोर-शराबे के बीच, उन्होंने साबित कर दिया है कि गजल अभी भी दुनिया भर में संगीत-प्रेमियों को आकर्षित करता है और संगीत को मशीनों से नहीं बल्कि कलाकार की आत्मा से जीवंत किया जाता है।

गुलजार साब की मनमोहक कविताओं और पंकज उधास की मखमल आवाज के साथ, यह एल्बम श्रोताओं को गीत-संगीत की एक नई दुनिया की सैर कराएगा।

इस एल्बम के सीडी और पेन ड्राइव एमेजॉन पर ऑनलाइन बिक्री के साथ-साथ सभी प्रमुख स्टोरों पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे, जिसे भारत एवं पूरी दुनिया में प्रीतम म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई द्वारा डिस्ट्रीब्यूट किया जा रहा है।

आप इस एल्बम के सभी गानों को हंगामा म्यूजिक, हंगामा प्ले, हंगामा रेडियो, एमआई म्यूजिक, आईट्यून्स, ऐप्पल म्यूजिक, विंक म्यूजिक ऐप, जियो म्यूजिक, आइडिया म्यूजिक, टाटा स्काई म्यूजिक, टाटा स्काई म्यूजिक प्लस, एयरटेल आईम्यूजिक स्पेस, एयरटेल टीवी, एमआई टीवी, अमेजॅन फायर टीवी, क्लाउडवाल्कर टीवी, वेब्ड टीवी पर भी सुन सकते हैं।
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