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बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

वसुधा ऑर्गॅनिक्स ने आयोजित किया मुफ्त नेत्र चिकित्सा शिविर

इंदौर : टेक्सटाइल क्षेत्र की अग्रणी कंपनी प्रतिभा सिंटेक्स की एग्रीकल्चर वर्टीकल वसुधा ऑर्गॅनिक्स ने समता फाउंडेशन के सहयोग से हाल ही में सेगांव हेल्थ सेंटर में एक मुफ्त नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। श्री प्रवीण वर्मा एवं श्री रघुवीर सिंह ठाकुर के सूत्रपात्र में संपन्न हुए इस नेत्र शिविर के माध्यम से आस पास के करीब 50 गावों से पहुंचे कुल 170 मरीजों ने लाभ ग्रहण किया। शिविर में पहुंचे मरीजों ने नेत्र संबंधी कई समस्याओं का जिक्र किया, जिसका डॉ कमल पाटीदार ने उन्हें सरल व सहज निदान सौपा। इस दौरान वसुधा ऑर्गॅनिक्स की श्रीमती सुषमा चैधरी के साथ श्रीमती रोली सराफ, श्रीमती मंजू सिंघल व राधिका लाहोटी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
नेत्र चिकित्सा शिविर के माध्यम से तकरीबन 45 मरीजों में मोतियाबिंद की पहचान की गई, जिनमें करीब 28 मरीजों को इंदौर के चोइथराम चैरिटेबल हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन हेतु संदर्भित किया गया। इसके आलावा इस मुफ्त नेत्र शिविर के जरिए लगभग 30 मरीजों को जांच परखने के बाद जरूरत के हिसाब से मुफ्त पॉवर वाले चश्मे भी उपलब्ध कराए गए। शिविर का हिस्सा बने वसुधा ऑर्गॅनिक्स के एक किसान जुवन सिंह ने बिना किसी कीमत पर चश्मा प्राप्त होने की ख़ुशी जाहिर करते हुए समता फाउंडेशन और वसुधा ऑर्गॅनिक्स का धन्यवाद प्रेसित किया।
वसुधा ऑर्गॅनिक्स की तरफ से मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंदौर स्थित चोईथराम चैरिटेबल हॉस्पिटल भेजने हेतु मुफ्त बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई।  जिसके माधयम से विभिन्न गावों से पहुंचे मरीजों की सहूलियत का पूरा ख्याल रखा गया। अपने कॉटन फेब्रिक परिधानों की सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के लिए पहचानी जाने वाली प्रतिभा सिंटेक्स समय समय पर किसानों व ग्रामीणों के हित हेतु इस प्रकार के विभिन्न सामाजिक समरसता संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं। जिसके माध्यम से हर वर्ग विशेष को लाभान्वित होने का मौका मिलता हैं।

दक्षिण सुपरस्टार पवन कल्यान की राजनीतिक रैली

मेगा-स्टार बना मेगा-लीडर
पवन कल्याण आंध्र प्रदेश में सबसे बड़ा नाम हैं- पिछले कई वर्षों में उनके कई ब्लॉकबस्टर्स से हुए बिज़नेस ने इस बात को साबित भी कर दिया हैं। हालांकि अब ऐसा प्रतीत होता हैं कि वह अपनी इसी तीव्रता और गति को इकट्ठा कर, एक नई दिशा में इस्तेमाल करने जा रहे हैं जो हैं- सार्वजनिक सेवा।
पवन कल्याण ने कुछ साल पहले अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी जब वह जनसेना पार्टी के अध्यक्ष बने थे। फिल्मों में अपनी लोकप्रियता के शिखर पर होने के साथ वह अब सार्वजनिक क्षेत्र में चले गए हैं।
15 अक्टूबर 2018 को पवन कल्याण ने राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के मकसद से विजयवाड़ा में एक परेड का आयोजन किया। जहां लोगों से मिली प्रतिक्रिया ऐतिहासिक और अभूतपूर्व थी। उनके समर्थन में 5 लाख से अधिक लोग बाहर आए। यह दृश्य सामान्य रूप से शानदार थे- यह उन लोगों का एक समुद्र था जो एक ऐसे व्यक्ति के लिए बाहर आए
जिसे वह प्यार करते हैं और अपना इष्ट मानते हैं।
जीवन के सभी क्षेत्रों से आने वाले लोग इस आंदोलन में शामिल हुए। लाखों लोगों ने अपने पसंदीदा फिल्म स्टार को देखने के लिए घंटों तक इंतजार किया, जिन्होंने अब एक युवा राजनीतिक नेता काचोगा धारण कर लिया है।
पवन कल्याण के अनुसार, “हमने इस परेड का आयोजन किया क्योंकि हम सैनिक हैं और हम इस राजनीतिक व्यवस्था को बदल देंगे। हम बदलाव के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। “
फिल्म स्टार्स और राजनीति हमेशा से हाथ में हाथ डाले चलती हैं, खासकर दक्षिण की राजनीति में। पवन कल्याण- एक नया और करिश्माई नेता अब अपने रास्ते पर है। तस्वीरों से पता चलता है कि युवाओं और जनता के बीच उनकी किस तरह की मजबूत पकड़ है।

बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

ताज़ातरीन पार्टी एल्बम वीवाईआरएल की अगली एकल पेशकश - “गैट डाउन“

  • जग्गी डी ने अपने ताज़ातरीन संयुक्त प्रयास वीवाईआरएल ओरिजिनल्स रिलीज़,“गेट डाउन“ पर इक्का और ऋषि रिच को साथ लिया
मुंबई : पंजाबी रकस्टार जग्गी डी रैपर इक्का और जाने-माने शहरी प्रोड्यूसर ऋषि रिच के साथ मिलकर इस सीज़न का ताज़ातरीन पार्टी एल्बम वीवाईआरएल की अगली एकल पेशकश - “गैट डाउन“ बनाने जा रहे हैं!
शहर के क्लबों में धमाका करने वाला “गेट डाउन“ में जग्गी डी की पंजाबी लय से सजी हुई है। जिसके साथ अपने बारीकी वाले सृजनों के ज़रिए ताल से ताल मिलाने का काम केवल ऋषि रिच अपनी पश्चिमी और एशियाई बीट्स के साथ कर सकते हैं। अव्वल दर्जे के रैपर इक्का उसके बाद इस ट्रैक को अपने तड़कते-भड़कते मेल खाते शब्दों के साथ बस धमाकेदार बना देंगे।
इस गाने को रिलीज़ करने को लेकर उत्साहित जग्गी डी कहते हैं “मैं अब इस ट्रैक “गेट डाउन“ के रिलीज़ होने का इंतजार नहीं कर सकता। वीडियो शूट करने से लेकर इस ट्रैक को आवाज़ देने तक एक अद्भुत सा उत्साह रहा है और इक्का के इसमें शामिल होना एक बहुत ही अच्छी बात है, यह भारतीय रैप परिश्य के साथ हमारे यूके की पसंद को मिलाता है। मैं बहुत खुश हूँ कि यह ट्रैक वीवाईआरएल ओरिजिनल्स प्लेटफ़र्म पर रिलीज़ हो रहा है“
ऋषि रिच कहते हैं, “जब मैंने इस धुन को तैयार किया, तो मेरे दिमाग में एक परिकल्पना थी जिसे मैं अब सब को बताने के लिए तैयार हूँ। इक्का के साथ इस ट्रैक पर एक बार फिर जग्गी डी के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा है। मैं इसके वीआरवाईएल ओरिजिनल्स प्लेटफ़र्म पर रिलीज होने का इंतज़ार कर रहा हूं“
कुछ ऐसे ही विचार प्रकट करते हुए इक्का ने कहा “जब मैंने पहली बार ऋषि रिच और जग्गी डी का बनाया हुआ ट्रैक सुना, तो मुझे पता चल गया था कि मुझे इस काम का हिस्सा बनना है। मुझे उन दो लोगों के साथ काम करके एक अद्भुत अनुभव प्राप्त हुआ जिन्होंने मुझे प्रेरित किया करता था जब मैं बड़ा हो रहा था। मुझे खुशी है कि वीवाईआरएल ओरिजिनल्स ने हमें यह मौका दिया।“
यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप, भारत और दक्षिण एशिया एवं ईएमआई रिकर्ड्स इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विनीत ठक्कर ने कहा, “वीवाईआरएल ओरिजिनल्स में, अपने ग्राहकों के लिए दिलचस्प संयुक्त प्रस्तुतियाँ और कुछ अलग सी चीज़ पेश करना लगातार हमारी कोशिश रहती है। गैट डाउन बेहद हुनरमंद जग्गी डी, ऋषि रिच, और इक्का के बीच त्रिकोणीय संयुक्त प्रयास इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है। इन तीनों के बीच बहुत उम्दा ताल-मेल है जो इस तैयार ट्रैक में नज़र आ रहा है। हमें इस बात पर बेहद गर्व है कि हर एक के एकल ट्रैक के साथ, हम इन एकल गानों के अडियो, वीडियो और मार्केटिंग में दायरे को बढ़ाते जा रहे हैं।“
यह म्यूज़िक वीडियो टी तक इस गाने को प्रस्तुत करता है। इसे साउंडट्रैक के साथ पूरी सटीकता के साथ फ़िल्माया गया है और प्रोडक्शन की असली और अपक्व आवाज़ें, स्वर और रैप को इसमें मिलाता है, तीनों कलाकारों के बीच के संगीतमय मेल-जोल को उभारता है।
वीवाईआरएल ओरिजिनल्स - ईएमआई रिकर्ड्स इंडिया का एक अंग
वीवाईआरएल ओरिजिनल्स ईएमआई म्यूज़िक इंडिया की सबसे नई संगीत कंपनी है जो स्वतंत्र गैर-फिल्मी संगीत को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इस अनूठी कंपनी का एक बार फिर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मोहित सूरी नेतृत्व कर रहे हैं - संगीत में उनके उत्ष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। मोहित बनाये जाने वाले प्रत्येक ट्रैक के हर पहलू को तैयार करेंगे। संगीतकारों, गीतकारों, से लेकर गायकों तक सभी को ख़ुद निर्देशक ने चुना है और बहुत ध्यान से उनपर काम किया है। ट्रैक की आवाज़ प्रोडक्शन के उम्दा महत्व वाली होगी, समकालीन बलीवुड संगीत के अनुरूप, अलबत्ता उसका फ़िल्म का प्रारूप नहीं होगा। वीवाईआरएल ओरिजिनल्स के तहत ट्रैक हरेक प्रसारण सेवा में - भारत और वैश्विक स्तर पर - एक साथ शुरू किए जायेंगे और आज के लोकप्रिय बलीवुड गीतों में शामिल होकर संगीत प्रेमियों को संगीत सुनने का एक सुखद अनुभव प्रदान करेगा। यह कंपनी यश नरवेकर के शानदार गाथागीत “तेरी याद“ के साथ जनवरी 18 में शुरू की गई हैं और इस समय प्रसारण सेवाओं की सूचियों और और प्लेलिस्ट्स पर एक ऊँचे स्थान पर हैं।

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से तरक्की की है

दिल्ली : एक तरफ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को हलकान करके रखा है, तो दूसरी तरफ बिजली की बढ़ती होती कीमतों ने लोगों को अपनी जेब टटोलने पर मजबूर कर दिया हैं। हालांकि पैट्रोलियम उत्पादों की कीमत पर तो हमारा कंट्रोल नहीं हैं, लेकिन हम बिजली के ऊंचे दामों को अपने काबू में रख सकते हैं। दिन प्रति दिन बढ़ती बिजली की कीमतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन के जरिये पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती हैं। हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों के साथ संयुक्त रूप से यूनाइटेड नेशंस की तरफ से पर्यावरण क्षेत्र में दिए जाने वाले सबसे बड़े सम्मान ‘चैंपियंस आफ द अर्थ अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया हैं। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन तथा पर्यावरणीय कार्रवाई की दिशा में नई पहलकदमियों को प्रोत्साहन देने के लिए मोदी और मैक्रों को यह सम्मान मिला है। गौरतलब है कि अंतराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) भारत की ही पहल हैं, जिसे पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने संयुक्त रूप से जनवरी 2015 में शुरू किया था। केंद्र सरकार की इस पहल ने देश की कई सौर ऊर्जा उत्पादन कंपनियों को नई ऊर्जाशक्ति प्रदान की हैं।
दिल्ली स्थित सौर ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी जनरूफ़ के डायरेक्टर प्रणेश चैधरी बताते हैं कि, “भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में जिस तेजी से तरक्की की है, वह पूरे विष्व के लिए सुखद आश्चर्य का विषय है। बीते तीन साल में भारत में सौर ऊर्जा का उत्पादन अपनी स्थापित क्षमता से चार गुना बढ़कर 10 हजार मेगावाट की सीमा पार कर गया है। इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए कई देशी-विदेशी कंपनियां लगातार इसमें निवेश कर रही हैं। सौर ऊर्जा में भारत की सफलता का सीधा श्रेय केंद्र सरकार की सकारात्मक पहलों को जाता है। मोदी सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही हैं, जिससे इस क्षेत्र के प्रति भारी संख्या में लोग आकर्षित हुए हैं। सौर ऊर्जा के उत्पादन में हम अब अमेरिका और चीन जैसे देशों से ही पीछे हैं, जो कि पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं।“
बता दें कि पिछले दिनों ’जनरूफ’ ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को सोलर प्लांट के प्रति आकर्षित करने के मकसद के साथ अपनी एक नई रेफरल स्कीम की शुरुआत की हैं, जिसके तहत घर बैठे हजारों रुपये की कमाई की जा सकती हैं। इस नई स्कीम के तहत कोई भी अपने किसी दोस्त, रिस्तेदार या अन्य जानकार को जनरूफ़ सौर संयंत्र लगाने के लिए प्रेरित कर सकता हैं। जनरूफ सोलर प्लांट लगाने वाले प्रत्येक ग्राहक के पास 25 हजार रूपए प्रति माह तक कमाने का मौका होगा, वहीं ऐसी हर सफल डील पर आपको भी 5000 रूपए का मुनाफा दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त कंपनी सरकार से मिलने वाली 30 फीसदी सब्सिडी (जो सीधे ग्राहकों के अकाउंट में आती हैं) के माध्यम से भी ग्राहकों को सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। जनरूफ़ पिछले लंबे समय से देश के कई राज्यों में अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए लोगों के घरों की छतों को सौर संयंत्र में बदलने का काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य सौर ऊर्जा के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना व देश को विश्व की सबसे बड़ी सौर शक्ति के रूप में तब्दील करना हैं।

मिले ’प्यार भरे स्पर्श की देखभाल ’ हर बच्चे को है अधिकार : विक्स

  • विक्स ने अपने कैम्पेन के दूसरे चरण में प्रस्तुत की प्रेरणा देने वाली एक और सच्ची कहानी। जानिए निशा, एक दुर्लभ जेनेटिक स्किन कंडीशन- इक्थियोसिस से पीड़ित छोटी सी बच्ची और ’टच ऑफ केयर’  के जादू से बदली उसकी जिंदगी की कहानी के बारे में....
मुंबई : विक्स, एक ऐसा ब्रांड जो परिवार और प्यार भरी देखभाल की पहचान है, ने हाल ही में अपने दिलों को छूने वाले विक्स रुटचऑफकेयर अभियान के दूसरे चरण को लॉन्च किया। इस अभियान ने पिछले वर्ष लोगों को बड़ी संख्या में प्रेरणा देने और जोड़ने का काम किया है। विक्स-वन इन अ मिलियन ’ एक बार फिर एक प्रेरणादाई कहानी लेकर आया है, इस बार यह कहानी है एक बच्ची निशा की जो इक्थियोसिस नामक एक जेनेटिक स्किन कंडीशन का शिकार है. निशा को उसे दत्तक स्वरूप् अपनाने वाले माता-पिता अलोमा और डेविड लोबो से मिलने वाली देखभाल और स्नेह के परिणाम स्वरूप् उसके जीवन में आये बदलाव का सार है यह डिजिटल वीडियो।
अभियान का यह द्वितीय चरण भी  ’हर बच्चे को चाहिए प्यार भरी देखभाल’ के विचार का निरंतर प्रसार करता है। सिंगापुर पब्लिसिस द्वारा बनाई गई ये कहानी, खुद निशा के शब्दों में कही गई है। निशा जो कि इक्थियोसिस से पीड़ित एक अनाथ लड़की है जिसे उसके असली माता-पिता ने तब त्याग दिया था जब वह मात्र दो हफ्ते की थी। उसके जीवन में परिवर्तन तब आया जब उसे अलोमा और डेविड लोबो ने गोद लिया। अलोमा और डेविड जिन्होंने अपने बच्चे होने के बावजूद निशा को भी एक परिवार देने का निर्णय लिया, ऐसा परिवार जिसने निशा को असीमित प्रेम और रुटचऑफकेयर’ के साथ अपनाया। यह फिल्म निशा की कहानी को बहुत ही अच्छे तरीके से प्रस्तुत करती है, जब वह जीवन की चुनौतियों और कठिनाइयों से गुजरती है, जहाँ उसकी माँ और उसका परिवार उसके साथ होता है. यह फिल्म बहुत खूबसूरत  तरीके से बताती है कि कैसे एक असाधारण लड़की निशा, उम्मीद, सपनों और चुनौतियों से भरी एक साधारण जिंदगी को आगे बढ़ाती है और कैसे अलोमा उसे इस तरह से बड़ा करती है कि वह भी स्वयं को औरों की ही तरह समझे, अलग नहीं।
निशा की इस कहानी को मिलने वाली प्रतिक्रिया से अभिभूत, निशा के पैरेंट्स अलोमा और डेविड, जो कि इस नई लॉन्च विक्स रुटचऑफकेयर फिल्म के नायक भी हैं, ने कहा-’हमें बहुत प्रसन्नता है कि निशा की कहानी विश्वस्तर पर पहचान रखने वाले विक्स रुटचऑफकेयर, अभियान का हिस्सा है. हमारी बिटिया की कहानी को इससे अच्छे तरीके से नहीं कहा जा सकता था, और हमें उम्मीद है कि वे लाखों लोग जो विक्स रुटचऑफकेयर की इस फिल्म को देखेंगे वे उन कमजोर लोगों को स्नेह देने और उनकी देखभाल करने को प्रेरित होंगे, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।'
गौरी सावंत, विक्स रुटचऑफकेयर के पहले सीजन में उपस्थित रहीं माँ और ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट, ने कहा-’ विक्स रुटचऑफकेयर अभियान ने मुझे एक माँ के रूप् में जो पहचान और सम्मान दिलाया उसे पाकर मैं बहुत अभिभूत हूँ. विक्स का यह अभियान ऐसे लोगों को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है और उनकी मदद कर रहा है जो इस दुनिया में असाधारण संवेदनशीलता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यह दुनिया के लिए आशा की एक किरण की तरह है. मैं निजी तौर पर भी निशा की कहानी से बहुत अभिभूत हूँ और मुझे पूरा विश्वास है कि लोग उस पर भी वैसा ही प्यार और सह्रदयता लुटाएंगे जैसी उन्होंने मुझ पर लुटाई थी।’
ऋतु मित्तल, कंट्री मार्केटिंग मैनेजर, विक्स इण्डिया के अनुसार-’विक्स ऐसा ब्रांड है जो भारत में पीढ़ी दर पीढ़ी स्नेह और देखभाल का प्रतीक रहा है। इस ब्रांड ने हमेशा से देखभाल द्वारा जिंदगी को सकारात्मक रूप से बदल देने की ताकत पर विश्वास किया है। विक्स रुटचऑफकेयर का द्वितीय अभियान जैविक या रक्तसंबंधी रिश्तों से आगे ’परिवार’ के विचार को प्रसारित करता है। गौरी सावंत तथा अलोमा लोबो असाधारण देखभाल और स्नेह देने वाले लोगों का सटीक उदाहरण है। वे इस बात को दर्शाते हैं कि किस तरह हममें से प्रत्येक व्यक्ति हर जरूरतमंद बच्चे को बिना किसी शर्त प्रेम और देखभाल देने में सक्षम है। विक्स रुटचऑफकेयर के पहले संस्करण ने पूरे विश्व में लाखों लोगों के दिल को छुआ। हमें पूरा विश्वास है कि निशा की कहानी भी हर देखने वाले पर इसी तरह का असर करेगी।’
विक्स रुटचऑफकेयर की स्पेशल स्क्रीनिंग के मौके पर क्रिकेटर गौतम गंभीर, अभिनेत्री सोहा अली खान तथा श्रिया सरन, निशा का समर्थन करने के लिए मौजूद थे।
निशा की कहानी से प्रभावित गौतम गंभीर ने कहा- " मैं विक्स रुटचऑफकेयर जैसे अभियान का हिस्सा बनकर सम्मानित हुआ हूँ, यह एक ऐसा अभियान है जिसने दुनिया भर में लाखों दिलों को छुआ है.  मैं निशा और अलोमा की असाधारण कहानी को फिल्म के रूप में साकार करने के लिए विक्स की प्रशंसा करता हूँ.  यह विक्स जैसे ब्रांड्स ही हैं जो समाज में स्वार्थ रहित प्रेम तथा बिना शर्त देख भाल जैसे मूल्यों को संरक्षित रखने में मदद करते हैं. "
सोहा अली खान जो कि फिल्म के प्रीमियर के समय मौजूद थीं तथा फिल्म से बहुत प्रभावित हुईं, उन्होंने कहा " मैं विक्स रुटचऑफकेयर अभियान के पहले संस्करण से भी बहुत गहराई से प्रेरित हुई थी,  और मैं अब इस नई फिल्म को लेकर भी बहुत उत्साहित हूँ कि अब कौन सी प्रेरणा दाई कहानी सामने आएगी। विक्स-"वनइनइनअमिलियन, टचऑफकेयर अभिभूत करने वाला है,  अलोमा की निशा के लिए निस्वार्थ देखभाल और निशा की स्थिति को लेकर उसका सामान्य व्यवहार इस बात को बहुत खूबसूरती से प्रदर्शित करता है कि कैसे परिवार रक्त संबंधी रिश्तों से भी आगे की बात है और कैसे असल में परिवार प्रेम और देखभाल की नींव पर खड़े होते हैं."
विक्स-वनइनमिलियन डिजिटल फिल्म 10 अक्टूबर 2018 से लाइव होगी। इसे पीआर और डिजिटल मीडिया के साथ मिलकर प्रस्तुत किया गया है और क्रमशः  2020 एमएसएल तथा मीडिया कॉम के साथ आगे बढ़ाया जायेगा।
http://bit.ly/VicksToc2

बुधवार, 10 अक्टूबर 2018

पटना : टैफे का मुफ्त ट्रैक्टर रेन्‍टल प्‍लेटफॉर्म - "जेफार्म सर्विसेज" बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने किया लांच

  • छोटे और सीमांत किसानों के समर्थन के लिए टैफे की सामाजिक पहल
  • किसान-से-किसान मॉडल (एफ2एफ) - किसान किराये पर ट्रैक्टर और उपकरणों के सभी ब्रांडों की पेशकश कर सकते हैं।
  • यह ग्रामीण उद्यमिता में मदद करता है और किसानों के लिए अतिरिक्त राजस्व पैदा करता है।
पटना (बिहार) : टैफे की ‘कल्टिवेटिंग इंडिया दृ कल्टिवेटिंग द वर्ल्ड’ की सोच ने इसकी देशव्यापी सामाजिक पहल - "जेफार्म सर्विसेज" और "जेफार्म सर्विसेज ऐप"  के विस्तार के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। इस अनूठी पहल को बिहार के कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार की मौजूदगी में बिहार एग्रीकल्चरल ग्रोथ एंड रिफॉर्म इनिशिएटिव  के अंतर्गत बिहार सरकार के कृषि विभागके साथ संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया है। जेफार्म सर्विसेज किसानों को ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि मशीनरी किराये पर लेने की मुफ्त सुविधा प्रदान करता है।
बिहार में आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि है और राज्य के विकास के लिए कृषि क्षेत्र का विकास करना महत्वपूर्ण है। बिहार की 92 प्रतिशत क्षेत्रफल भूमि पर छोटे और सीमांत किसान खेती करते हैं, जिनकी कृषि से सम्बंधित मशीनीकरण तक पहुंच सीमित है या बिल्कुल नहीं है। जेफार्म सर्विसेज ने बिहार के 11 जिलों (बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, नालंदा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली) में अपनी सेवाएं लॉन्च करने और अगले वर्ष तक पूरे बिहार में विस्तार करने का प्रस्ताव रखा है। पूरे बिहार में छोटी जोत की जमीन रखने वाले किसान अब अपनी उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए अत्याधुनिक कृषि उपकरण किराए पर ले सकते हैं।
जेफार्म सर्विसेज ऐप पारदर्शी तरीके से किफायती कृषि मशीनीकरण की सेवाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाएगा। मुफ्त जेफार्म सर्विसेज ऐप के ष्किसान-से-किसान मॉडलष् (एफ2एफ) के माध्यम से अपने मौजूदा ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराए पर देने वाले किसानों को सीधे इन उपकरणों को लेने के इच्छुक किसानों से जोड़ दिया जाता है। यह ऐप उनको किसान उद्यमियों से सीधे संपर्क करने, किराये की कीमतें तय करने और अपनी संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है। इस नये प्लेटफार्म के साथ, टैफे किसानों की आय बढ़ाने के लिए टैक्नोलॉजी में सक्षम साझा अर्थव्यवस्था के लाभ प्रदान करता है।

टैफे की चेयरमैन और सीईओ मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा कि " भारत छोटी जोत के किसानों की भूमि है। हमारे अधिकांश, लगभग 85 प्रतिशत किसानों की उस कृषि मशीनीकरण तक पहुंच ही नहीं है, जिसमें उनकी उपज और आय में सुधार करने की क्षमता है। जेफार्म सर्विसेज एक सामाजिक पहल है जो किसानों को अपने ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराए पर देने की सुविधा प्रदान करती है और इस सेवा की जरूरतमंद छोटे किसान जेफार्म सर्विसेज ऐप से सीधे लाभान्वित होते हैं। 2022 तक कृषि आय को दोगुनी करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए देश भर में लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाना हमारा लक्ष्य हैं।"
किसान जेफार्म सर्विसेज एंड्रॉइड ऐप के माध्यम से या टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-4-200-100 से संपर्क करके ट्रैक्टर और उपकरण किराए पर ले सकते हैं। ऐप का उपयोग सस्ते एंड्रॉइड फोन पर किया जा सकता है और इस ऐप को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह बहुत कम डेटा पर भी चल सके। जिन किसानों के पास स्मार्ट या फीचर फोन नहीं हैं, वे टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। यह प्लेटफार्म बिना किसी शुल्क के स्थानीय मौसम, बाजार तथा कृषि-समाचार और मंडी की कीमतों के बारे में एक समयांतराल पर ताजा सूचनाएं भी प्रदान करता है।

टैफे के प्रेसिडेंट और सीओओ, प्रोडक्ट स्ट्रेटजी और कॉर्पोरेट रिलेशंस टी. आर. केसवन ने कहा कि "जेफार्म सर्विसेज के माध्यम से टैफे ने पहल के अर्तंगत बिहार सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है ताकि राज्य में सतत् कृषि उत्पादकता और विकास हो सके। इस सांझी अर्थव्यवस्था के प्रारूप के ज़रिये छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि मशीनीकरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।"
जेफार्म सर्विसेज के प्रारंभिक पायलट परियोजना को मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में लागू किया गया था। जेफार्म सर्विसेज ने लगभग 60,000 उपयोगकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया है जिससे 100,000 से अधिक के ऑर्डर मिले हैं और इसमें किराए पर कृषि मशीनरी के उपयोग के 250,000 घंटे से अधिक शामिल हैं।

’जस्टट्रैक’ : राजनेताओं व राजनीतिक दलों से जुड़ी समाचार पत्रों में छपने वाली हर खबर को मॉनिटर करने का एक मात्र प्लेटफार्म

इंदौर :  इस साल के अंत में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी हैं, जिसमे मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम राज्य शामिल हैं। इंदौर स्थित जस्टट्रैक एक ऐसी संस्था हैं जो इन चुनावी राज्यों के अलावा नई दिल्ली से लेकर देश के अन्य राज्यों में घटित होने वाली विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उपरोक्त राज्यों से निकलने वाले लगभग 1700 से अधिक समाचार पत्रों में छपने वाली राजनेताओं व राजनीतिक दलों से जुड़ी तमाम ख़बरों को मॉनिटर करने लिए ’जस्ट ट्रैक’ एक प्रभावशाली मंच उपलब्ध करा रहा हैं। पब्लिक रिलेशन क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी पीआर 24×7 नेटवर्क लिमिटेड का एक हिस्सा होने के नाते जस्ट ट्रैक अपनी जानकारियों की विश्वसनीयता व प्रमाणिकता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। जस्ट ट्रैक के माध्यम से अख़बारों की सुर्खियां बनने वाली राजनीतिक दलों की विभिन्न गतिविधियों व राजनेताओं के कामों से जुड़ी लगभग हर खबर को एक ही प्लेटफार्म पर देखा व पढ़ा जा सकता हैं। संस्था अपने कुशल सहयोगियों जिनमें उज्जैन सिंह चैहान-9755002823 जैसे बेहद अनुभवी मॉनिटर्स के सानिध्य में जिनके पास चुनावी ख़बरों की मॉनिटरिंग का 10 वर्षों से भी अधिक का अनुभव प्राप्त हैं, के माध्यम से विभिन्न जानकारियों की गुणवत्ता व सटीकता पर विशेष ध्यान केंद्रित करती हैं। जस्टट्रैक का मूल उद्देश्य अपने प्लेटफार्म के माध्यम से देश की जनता के सामने पारम्परिक पिं्रट मीडिया में चलने वाली ढेरों राजनीतिक ख़बरों के मूल स्वरुप को अपने स्तर पर जांच-परखकर, उसके सही स्वरुप को पेश करना हैं, ताकि आम जन के बीच ख़बरों के असल स्वभाव को प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।
जस्टट्रैक व पीआर 24×7 नेटवर्क लिमिटेड के संस्थापक श्री अतुल मलिकराम के मुताबिक, “जस्टट्रैक के पास 19 से अधिक वर्षों का पीआर अनुभव भी उपलब्ध हैं, जो इसे प्रभावी तरीके से अपनी ख़बरों को जनता के सामने पेश करने के लिए प्रेरित करती हैं। जस्टट्रैक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और डिजिटल मीडिया में प्रचारित-प्रकाशित होने वाली विभिन्न राजनीतिक ख़बरों व राजनेताओं से जुड़ी अनेकों गतिविधियों पर सक्रियता से काम करती हैं और देश की जनता को एक ही मंच के माध्यम से उन ढेरों जानकारियों की सेवा उपलब्ध कराती हैं जो जनहित के लिए बेहद जरूरी हैं।“
मौजूदा समय में सोशल व डिजिटल मीडिया का प्रभाव काफी बढ़ गया हैं। इसके माध्यम से देश में घटित होने वाली किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों को पलक झपकते ही हासिल किया जा सकता हैं। ऐसे में जस्टट्रैक राजनेताओं और राजनीतिक जानकारियों की विश्वसनीयता को बरक़रार रखने के लिए देशवासियों के सामने एक प्रभावशाली मंच की पेशकश करता हैं।

शनिवार, 17 मार्च 2018

परमवीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिंदर सिंह की बायोपिक 6 अप्रैल से देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी!

♦ फिल्म के धमाकेदार ट्रेलर से दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं

मुम्बई : परमवीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिंदर सिंह की बायोपिक 6 अप्रैल से देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये जानकारी फिल्म के डायरेक्टर समरजीत सिंह ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत - चीन युद्ध के दौरान 1962 में चीनी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने वाले बहादुर सिपाही की बायोपिक सूबेदार जोगिंदर सिंह ने फिर से साबित कर दिया है कि यह फिल्म बेहतर तरीके से और बढ़िया सिनेमाटिक्स के जरिये लोगों को उस समय के हालातों से अवगत कराती है। 21 वीं सदी के आगमन के साथ, फिल्म मेकिंग में जबरदस्त परिवर्तन आया है। आजकल युवाओं का रुझान काल्पनिक सिनेमा की तरफ अधिक है।

उन्होंने कहा कि आज कल युवाओं का रुझान काल्पनिक सिनेमा की तरफ अधिक है। हमारे देश में चारों तरफ समृद्ध संस्कृति, विरासत, ऐतिहासिक घटनाएं और किस्से हैं। उस नजरिये से देखें तो हमारे पास दर्शकों को दिखाने और उन्हें देने के लिए बहुत कुछ है। फिल्म निर्माताओं को सिनेमा की शक्ति का उपयोग एक सकारात्मक संदेश देने, अच्छे विचार साझा करने और दर्शकों तक वास्तविक और प्रेरणादायक कहानियां पहुंचाने के लिए करना चाहिए। वो घटनाएं और गाथाएं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग अनजान हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राशीद रंगरेज द्वारा लिखित, सिमरजीत सिंह द्वारा निर्देशित और सुमीत सिंह द्वारा तैयार की गई फिल्म सूबेदार जोगिंदर सिंह में पहाड़ की दुर्गम चोटियों पर सूबेदार जोगिंदर सिंह के रूप में अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल अपनी पलटन के साथ नजर आ रहे हैं। यह देश की पहली ऐसी जीवनी हैं जो किसी परमवीर चक्र विजेता पर बनी है और पंजाबी के अलावा तीन भाषाओं - हिंदी, तमिल और तेलगु में रिलीज होगी। अभी हाल ही में इसका टीजर सागा म्यूजिक एवं युनिसीस इन्फोसोल्युशंस के साथ सैवन कलर्स मोशन पिक्चर्स ने जारी किया गया है, जिसे देशभर में जबरदस्त रिस्पांस मिला। फिल्म का दूसरा पोस्टर भी जारी कर दिया गया है।

इस बारे में सुमीत सिंह ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक फिल्में बनाने का चलन है। इसके बीच लीक से हटकर एक फिल्म बनाई गई है - सूबेदार जोगिन्दर सिंह। यह एक वीर सैनिक की जिंदगी और घटनाओं पर आधारित है, जो अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए जुनून और दृढ़ संकल्प से प्रेरित था। निर्माताओं ने आज फिल्म का ट्रेलर जारी किया। यह आश्चर्यजनक रूप से रोंगटे खड़े कर देने वाला है। सूबेदार जोगिंदर सिंह सिख रेजिमेंट के असाधारण सैनिकों में से एक थे, जिन्हें भारत-चीनयुद्ध 1962 के दौरान राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए, असाधारण साहस और उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सर्वोच्च वीरता पुरस्कार - परमवीर चक्र से नवाजा गया। फिल्म का ट्रेलर आकर्षक है, जिसे किसी भी व्यक्ति को देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमने इस फिल्म में सैनिकों का जुनून और आक्रामकता, निजी रिश्ते और एक मातृभूमि के प्रति अपनेपन की भावना दिखाने का प्रयत्न किया है। यह उल्लेखनीय है कि फिल्म 1960 के युग को फिर से दोहराने में सक्षम है। इसमें उस समय के गांव का माहौल, वेशभूषा और विशेषरूप से उस समय को दर्शाने के लिए बनाई गई विशाल ट्रेन इस बात के प्रमाण हैं। फिल्म को सबसे यथार्थवादी और प्रामाणिक महसूस कराने के लिए बड़े पैमाने के सेट तैयार किये गए थे। भारत के सच्चे नागरिकों के रूप में हम सभी को हमारे देश के समृद्ध और ठोस इतिहास पर गर्व करना चाहिए। वास्तव में, आज जरूरत है कि इस तरह के शक्तिशाली विषयों को सिनेमा की व्यापक दुनिया के जरिये उठाया जाये। ताकि हमारे इतिहास के कई अनसुने और अनपढ़े अध्यायों को साझा किया जा सके और उन अज्ञात नायकों को श्रद्धांजलि दी जाए, जिन्होंने राष्ट्र के लिए कड़ी मेहनत और बलिदान दिए थे। यह फिल्म हर भारतीय को एक बार अवश्य देखनी चाहिए। इतिहास में इस तरह के कई तथ्य हैं, जिन्हें खोजा जाना चाहिए। दर्शकों तक उन्हें पहुंचाया जाना चाहिए। इस तरह के विषय जानकारी पूर्ण और दिलचस्प होते हैं।

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े मेगास्टार पवन कल्याण अपने राजनीतिक दल ‘जनसेना’ के चौथे वर्षगांठ का जश्न मनाया

आंध्र प्रदेश : चार साल पहले, 14 मार्च 2014, तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े मेगास्टार पवन कल्याण अपने राजनीतिक दल ‘जनसेना’ का गठन किया था। आंध्र प्रदेश में पार्टी के चौथे वर्षगांठ का जश्न मनाया गया। एक नेता के रूप में, पवन कल्याण ने एक भी सीट के लिए चुनाव लड़ें बिना 2014 के चुनावों में आम जनता को प्रभावित किया और जनमत से अंतिम आदेश के परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई थी।

जनसेना पार्टी की स्थापना पवन कल्याण ने न्याय के सिद्धांतों और निष्पक्षता के आधार पर की थी। इस महान भूमि के ज्ञान और परंपराओं की पुरानी भारतीय लोकाचार और अखंड श्रृंखला को बनाये रखेते हुए, पार्टी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में सक्रिय है।

एक साधारण निम्न मध्यम वर्ग के परिवार में जन्मे पवन कल्याण एक सुंदर, करिश्माई व्यक्तिव का प्रतिनिधित्व करते हैं और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े रूढ़िवादी विषयों को पार करने की नैतिक क्षमता रखते हैं। उनके सामान्य भारतीय के साथ शक्तिशाली संबंध, सभी उम्र के बढ़ते अनुयायी, और उनके साथ सभी अनुयायियों, दोस्तों और सहकर्मियों से उनकी रोजमर्रा की बातचीत, उनकी शिक्षा जो उन्हें उच्चतम विद्वानों, उनकी नम्रता और सार्वजनिक नैतिकता के प्रति असाधारण प्रतिबद्धता निर्माण से एक महान नेता की विशेषताएं झलकती हैं।

उनकी राजनीतिक यात्रा पर बोलते हुए श्री कल्याण जी ने कहा ‘मैं एक भारतीय हूं और भारतीय रहूँगा, मेरा देश मुझे सेवा करने के लिए कहेगा और मैं सेवा करूँगा देश को प्रतिबद्ध व्यक्तियों की आवश्यकता हैं। दूसरों को कहने के बजाय खुद आगे आना चाहिए, मैंने इस रास्ते पर चलने का फैसला किया हैं मेरी यह राजनीतिक यात्रा एक आजीवन यात्रा हैं। मैंने राजनीतिक अवसर प्राप्त करने के लिए राजनीति में प्रवेश नहीं किया बल्की समाज की सेवा करने और जनता के हितों की रक्षा करने के लिए किया हैं। मैं लोगों के लिए हूँ लोगों से और लोगों के द्वारा हूँ’।

जनसेना के सिद्धांत और आदर्श 

♦ जातिआधार के बिना सामाजिक चेतना
♦ धार्मिक भेदभाव के बिना राजनीति 
♦ भाषाई मतभेदों का सम्मान 
♦ हमारी परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण 
♦ राष्ट्रीयता जो क्षेत्रीय विविधता की उपेक्षा नहीं करता हैं 
♦ यह हमारे देश की ताकत की जड़ हैं 
यह जनसेना के आदर्श हैं । 

पार्टी के उद्देश्य और मिशन 

आंध्र प्रदेश में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में, जनसेना, पवन कल्याण के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग दिलवाने के लिए लड़ना चाहती हैं। एक स्थिर उद्देश्य के रूप में राजनीतिक दृढ़ता प्राप्त करने के लिए, श्री कल्याण जी नैतिक राजनीति को केंद्र में वापस लाना चाहते हैं। वह आवाज-हीन और दमन किये गए लोगों को आवाज देने के लिए काम करना चाहते हैं । वह जनसेना के सिद्धांत को अवतीर्ण करना चाहते हैं और विशाल जनसंख्या जो उनके पक्ष को समझने और  सिद्धांतों को अपनाने के लिए अनुसरण करें और हमारे पीछे उन भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी राजनीति को दफन करते हैं जो समाज में तनाव और अस्थिरता फैलाते हैं । वह राजनीति में नए युवकों का भाग लेना चाहते हैं, जिससे कि युवाओं में भेदभाव न रहे और हमारे राजनीति के दूषित सिस्टम और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएं इस पर बात करते हुए श्री कल्याण कहते हैं, ‘आंध्र प्रदेश अपने प्रतिनिधियों की गलतियों और उनकी शक्तियों की वजह से जूझ रहा है। हमारा उद्देश्य इसे सही करना हैं, लोगों को प्राथमिकता देंना हैं, शक्ति नहीं’।

आगे का दृष्टिकोण  

पवन कल्याण एक आम वजह के लिए लोगों को एकजुट करना चाहता हैं । जब विकास, समाज का कल्याण, सिद्धांत और राजनीतिक नैतिकता सभी पिछली सीट पर चले गएँ हैं, वह समाज का ध्यान वापस नैतिकता और समूह के बीच भेदभाव के बिना लोगों को लाभान्वित करने के लिए सुधारवादी राजनीति लाना चाहते हैं । वह लोगों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, उदाहरण के लिए, सैद्धांतिक राजनीति के लिए दृढ़ खड़े होने के लिए, जो उचित और सुधारवादी हो।

जैसा कि श्री कल्याण कहते हैं, ‘जनसेना सत्ता के उद्देश्य के लिए नहीं है, बल्की राजनीतिक दलों और नेताओं से सवाल करने के लिए हैं । जनसेना का उद्देश्य राजनीतिक सत्ता के साथ या उसके बिना अच्छा काम करना है’।

मंगलवार, 6 मार्च 2018

फिल्म सूबेदार जोगिन्दर सिंह के पहले पोस्टर ने मचाया इंटरनेट पर तहलका !

मुम्बई : परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता, जांबाज सैनिक सूबेदार जोगिन्दर सिंह के जीवन पर आने वाली बायोपिक आजकल चर्चा का विषय बानी हुई है। चाहे गिप्पी गरेवाल की फर्स्ट लुक हो या फिल्म का टीजर, इस फिल्म की हर रिलीज ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। आज फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ, जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया को हिला कर रख दिया।

इस फिल्म के पहले जबरदस्त पोस्टर ने दर्शकों के दिल के अंदर एक उत्सुकता पैदा कर दी है। चर्चा का विषय बनी यह फिल्म सूबेदार जोगिन्दर सिंह के जीवन पर आधारित है।

जिन्होंने 1962 में इंडो-सिनो जंग में सिर्फ 21 बहादुर सैनिकों के साथ हजारों चीनी फौजियों का मुकाबला किया। उन्होंने अपने 21 साथियों सहित आखिरी दम तक अपने असीम शौर्य के साथ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की थी। जिसके लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

इस फिल्म की शूटिंग द्रास, कारगिल, गुवाहाटी और सूरतगढ़ में की गयी है। निर्माता फिल्म का ट्रेलर 8 मार्च 2018 को जारी करने के लिए तैयार हैं।

फिल्म 6 अप्रैल 2018 को दुनिया भर में सिल्वर स्क्रीन पर दिखाई जाएगी।
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